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मिशन 2027: बीजेपी के विधायकों को ग्रेडिंग सिस्‍टम से मिलेगा टिकट, A को ok, B को wait, C को cut, ग्रेडिंग कौन देगा

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मेरठ

भारतीय जनता पार्टी में यूपी में मिशन 2027 की तैयारी शुरू कर दी हैं। पार्टी 2017 और 2022 की तरह 2027 में हैट्रिक लगाकर यूपी को भी गुजरात की तरह सियासत में अपना गढ़ बनाने की चाह रखती है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा एमएलए जिता कर लाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए पार्टी की कसौटी पर खरे नहीं उतरने वाले विधायक का टिकट काटकर नए चेहरों को उतारने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। पार्टी थिंकटैंक ने तय किया है कि विधायकों को हर हाल में जनकल्याण, जाति और जनाधार की कसौटी पर खरा उतरना होगा। ऐसे में बड़ी तादाद में मौजूदा विधायकों में बेचैनी है। बीजेपी के एक पदाधिकारी की मानें तो वेस्ट यूपी में टिकट कटने की जद में आने वाले विधायकों की तादाद ज्यादा हो सकती है।

बीजेपी ने अपनी सियासी पकड़ को एक बार फिर मजबूत बनाना शुरू कर दिया। प्लान के मुताबिक, विधायकों की ग्राउंड रिपोर्ट पता कर पार्टी के तय मानक पर खरा उतरने वाले को ही 2027 में टिकट दिया जाएगा। पार्टी, सरकार और निजी एजेंसी के जरिए पता किया जा रहा है कि विधायक की खुद की जाति और जनता में जनाधार कैसा है। विकास को लेकर कामकाज कैसा है और क्षेत्र में सक्रियता कितनी है, क्योंकि बीजेपी नहीं चाहती कि चुनावी रण में कमजोर सेनापति (प्रत्याशी) उतरें।

ए कैटेगरी वाले का टिकट पक्‍का
बीजेपी संगठन के एक पदाधिकारी के मुताबिक, विधायकों को परखने के लिए तीन कैटेगरी ए, बी और सी बनाई गई है। सर्वे में कैटेगरी के आधार पर अंक दिए जाएंगे। सर्वाधिक अंक पाने वाले विधायक ए श्रेणी में रहेगा। इनका टिकट ओके रहेगा। बी श्रेणी में उन विधायकों को रखा जाएगा जो क्षेत्र में सक्रिय तो हैं, लेकिन दागी हैं। ऐसे विधायकों को 2027 में वेटिंग लिस्ट में रखा जाएगा जिनमें से परख कर आखिरी वक्त में कुछ को चुनावी रण में उतारा जा सकता है। सी श्रेणी में उन विधायकों को रखा जाएगा तो पार्टी के तय कई मानक पर फेल हैं और 2027 में भी जीतने की चांस कम है। उनका टिकट काटा जाएगा।

2022 में प्रयोग रहा था सफल
दरअसल, 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने तीस से अधिक मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए थे। कई मंत्रियों को भी टिकट नहीं दिया था। पार्टी का टिकट काटकर नए प्रत्याशी उतारने का दांव सफल रहा था।

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