जबलपुर।
राजस्व विभाग में पदस्थ रहे पटवारी रंजीत मार्को को जबलपुर जिला कोर्ट ने पत्नी की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। रंजीत वही आरोपी है जिसने पहले अपनी पत्नी का गला घोंटकर हत्या की, फिर शव को छिपाने के लिए बाइक में बांधकर 5 किलोमीटर दूर ले जाकर बांध में फेंक दिया। यह वारदात 22 अप्रैल 2024 की है। उसके खिलाफ धारा 302 और 201 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जघन्य अपराध मानते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हुई और 19 महीने बाद उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
रंजीत डिंडौरी जिले की शहपुरा तहसील में पटवारी पद पर पदस्थ था। इंदौर में साथ पढ़ाई करते हुए दोनों को प्यार हुआ था। बाद में शादी कर ली थी। इंदौर में साथ पढ़ाई करते हुए दोनों को प्यार हुआ था। बाद में शादी कर ली थी। इंदौर में साथ पढ़े, प्यार हुआ और शादी की रंजीत मार्को मूलतः जबलपुर की कुंडम तहसील के ग्राम चौरई का निवासी है। उसके पिता रामसिंह चौरई गांव में सचिव हैं। सरला मार्को (29) से उसकी पहली मुलाकात 2019 में एक शादी समारोह के दौरान हुई। सरला सिवनी जिले के घंसौर की रहने वाली थी। दोनों एक ही समाज से थे और इंदौर में पढ़ाई कर रहे थे, रंजीत बीए और सरला बीकॉम।
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इंदौर में मुलाकातें बढ़ीं और कोविड के दौरान 2021 में परिवार की मौजूदगी में दोनों ने शादी कर ली। कुछ समय बाद रंजीत की पटवारी पद पर नौकरी लग गई। वह पहले डिंडौरी मुख्यालय पर था, बाद में शहपुरा तहसील में ट्रांसफर हो गया। रंजीत ने शव को छिपाने बांध में फेंक दिया था। पुलिस लगातार सर्चिंग करती रहीं। रंजीत ने शव को छिपाने बांध में फेंक दिया था।
