7 C
London
Saturday, January 24, 2026
Homeराज्यइडली बनाने में प्लास्टिक शीट का हो रहा था इस्तेमाल, 52 होटलों...

इडली बनाने में प्लास्टिक शीट का हो रहा था इस्तेमाल, 52 होटलों के खिलाफ हुई कार्रवाई

Published on

बेंगलुरु,

आमतौर पर लोग दक्षिण भारतीय व्यंजन इडली को बेहद चाव से खाते हैं लेकिन इसको लेकर कर्नाटक में एक बड़ा खुलासा हुआ है जिसके बाद राज्य सरकार ने 52 होटलों पर कार्रवाई की है. कर्नाटक खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्यभर में 52 होटलों में इडली बनाने के लिए पॉलीथीन शीट के अवैध इस्तेमाल का खुलासा किया है जिससे लोगों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है. इसको लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने गुरुवार को जानकारी दी.

प्लास्टिक शीट से इडली बनाने पर सख्ती
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इडली बनाने में विशेष रूप से पतली पॉलीथीन शीट का उपयोग स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है, क्योंकि यह कैंसरकारी (कार्सिनोजेनिक) होती है. सरकार इस तरह की हानिकारक चीजों के इस्तेमाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है.

दरअसल खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने कर्नाटक के 250 स्थानों से इडली के नमूने एकत्र किए थे. स्वास्थ्य मंत्री राव ने कहा, ‘पहले पारंपरिक रूप से इडली पकाने के लिए कपड़े का उपयोग किया जाता था, लेकिन हमें कुछ होटलों में प्लास्टिक शीट का उपयोग किए जाने की शिकायत मिली थी. इसी आधार पर हमने जांच की और 52 होटलों में प्लास्टिक का अवैध उपयोग पाया.’

प्लास्टिक से सेहत को गंभीर खतरा
जांच के दौरान मिले चौंकाने वाले नतीजों से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है. मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि ‘गर्म होने पर प्लास्टिक के हानिकारक तत्व इडली में मिल सकते हैं, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती है.’

सरकार की सख्त कार्रवाई
मंत्री ने कहा कि दोषी होटलों पर पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है, और सरकार खाद्य व्यंजनों में प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाएगी. उन्होंने जनता से अपील की कि यदि वो किसी होटल या रेस्टोरेंट में प्लास्टिक का उपयोग होता देखें तो तुरंत अधिकारियों को इसकी सूचना दें.

रंगीन फूड कलर पर भी प्रतिबंध
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि 2024 में कर्नाटक सरकार ने रॉडामिन-बी नामक खतरनाक खाद्य रंग पर प्रतिबंध लगाया था, जिसका व्यापक रूप से गोभी मंचूरियन और कॉटन कैंडी जैसे खाद्य पदार्थों में उपयोग किया जाता था.

राव ने कहा, ‘हमने गोभी मंचूरियन की जांच के दौरान पाया कि इसमें खतरनाक रॉडामिन-बी रंग का उपयोग किया जा रहा था. यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है, इसलिए हमने इसे प्रतिबंधित कर दिया है. यदि कोई इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसे सात साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है, और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा.’

Latest articles

बीएचईएल झांसी में राजभाषा एवं गुणवत्ता वृत्त पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न

भेल झांसी।सार्वजनिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल), झांसी के जयंती...

बीएचईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने 61वीं वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित किया

भेल हरिद्वार।भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  के. सदाशिव मूर्ति...

More like this

प्रदेश कर्मचारियों-पेंशनरों को 35 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा

भोपाल।राजस्थान और हरियाणा की तर्ज पर प्रदेश सरकार अपने 10 लाख से अधिक अधिकारियों,...

आयकर विभाग का गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर के ठिकानों पर छापा

इंदौर।इंदौर स्थित बीओआर गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के कार्यालय और कंपनी के डायरेक्टर्स के आवासों...

परीक्षाएं होंगी पारदर्शिता 1 लाख भर्तियों का कैलेंडर जारी : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर  ।मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से वादा...