देवघर
भारतीय वायुसेना के विशेष विमान में गड़बड़ी की वजह से शुक्रवार को झारखंड के देवघर हवाई अड्डे पर करीब दो घंटे तक फंसे रहने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दूसरे विमान से वापस दिल्ली के लिए रवाना हुए।अधिकारियों ने बताया कि देवघर से करीब 80 किलोमीटर दूर बिहार के जमुई में एक रैली को संबोधित करने के बाद मोदी को वायुसेना के विमान से नई दिल्ली लौटना था।
दूसरे विमान से रवाना हुए पीएम
प्रधानमंत्री आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जमुई गए थे। बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। देवघर के उपायुक्त विशाल सागर ने बताया कि भारतीय वायुसेना के विमान में तकनीकी खराबी आने के बाद प्रधानमंत्री मोदी एक अन्य विशेष विमान से देवघर से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। विमान को समय पर ठीक नहीं किया जा सका। प्रधानमंत्री को दो घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा।
विमान में आई खराबी
प्रधानमंत्री मोदी ने तकनीकी खराबी के ठीक होने का इंतजार किया। इस वजह से इलाके के हवाई क्षेत्र को ‘उड़ान वर्जित क्षेत्र’ घोषित कर दिया गया। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी झारखंड के गोड्डा में ऐसी ही स्थिति में फंस गए। एक चुनावी रैली को संबोधित करने के बाद राहुल गांधी को हेलीकॉप्टर से वापस जाना था लेकिन लगभग दो घंटे के लिए वह उड़ान नहीं भर सका। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देरी राजनीति से प्रेरित थी।
पीएम की जमुई में रैली
इससे पहले, प्रधानमंत्री ने झारखंड की सीमा से लगे बिहार के जमुई जिले में महान स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर एक सभा को संबोधित किया, जिसके अवसर पर उन्होंने 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की जनजातीय कल्याण परियोजनाओं का शुभारंभ किया। मोदी ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ही है जिसने आदिवासी समुदाय के लोगों को उनका हक दिलाने का प्रयास किया, जिससे पिछली सरकारों के दौरान उन्हें वंचित रखा गया था।
स्मारक टिकट किया जारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी भाजपा नीत सरकार ने मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है, ताकि पिछली सरकारों द्वारा आदिवासियों के साथ किए गए अन्याय को दूर किया जा सके। प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, आवास से संबंधित 6,640 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया तथा इस अवसर पर एक स्मारक टिकट और विशेष सिक्के भी जारी किए।
