10.3 C
London
Thursday, February 12, 2026
Homeराज्यराजस्थान : फॉर्म में लौटे 'बाबा' का अब किसानों पर फोकस, फैक्ट्रियों...

राजस्थान : फॉर्म में लौटे ‘बाबा’ का अब किसानों पर फोकस, फैक्ट्रियों पर Raid में बड़ा खुलासा, नकली डीएपी खाद के हजारों कट्टे जब्त

Published on

अजमेर:

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने एक बड़ा धमाका कर दिया है। यह धमाका सरकार और राजनीति में नहीं बल्कि किसानों के साथ धोखा करने वालों के खिलाफ किया है। डॉ. मीणा को सूचना मिली कि अजमेर जिले के किशनगढ़ क्षेत्र में कई फैक्ट्रियां ऐसी है जहां नकली डीएपी खाद, एसएसपी, जिप्सम आदि तैयार किए जाते हैं। प्रदेश के लाखों किसानों के साथ हो रहे छलावे की जानकारी मिलते ही डॉ. किरोड़ीलाल मीणा अजमेर के किशनगढ़ की ओर निकल पड़े। आबादी क्षेत्र से दूर अलग अलग गांवों के खेतों में बनी फैक्ट्रियों पर पहुंच गए। इन फैक्ट्रियों में बेरोक टोक नकली खाद तैयार हो रही थी।

कट्टे पर ब्रांडेड सील, अंदर माल नकली
डॉ. किरोड़ीलाल मीणा और उनकी टीम ने पहले खुद इन फैक्ट्रियों पर छापा मारा। फिर पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारियों को सूचना देकर मौके पर बुलाया। तब तक डॉक्टर साहब खुद मौके पर ही डटे रहे। जब पहली फैक्ट्री में गए तो वहां तीन चार बीघा में फैली फैक्ट्री में बड़ी बड़ी मशीनें लगी हुई थी। इन मशीनों से नकली खाद, पोटास, जिप्सम सहित खेती में काम आने वाले अन्य उत्पाद बनाए जा रहे थे। प्लास्टिक के जिन कट्टों में पेकिंग की जा रही थी। उन पर ब्रांडेड सील लगी थी लेकिन अंदर पूरा नकली माल भरा जा रहा था। मार्बल का चूरा और मिट्टी से नकली खाद तैयार की जा रही थी।

आधा दर्जन फैक्ट्रियों पर मारा छापा
सबसे पहले डॉ. मीणा किशनगढ़ क्षेत्र के उदयपुर कला गांव के एक खेत में पहुंचे। वहां उन्हें नकली खाद की फैक्ट्री को देखा। वहां के कर्मचारियों से बात की तो पता चला कि आसपास के कई खेतों में इसी तरह का नकली खाद बनाने वाली कई फैक्ट्रियां हैं। सभी फैक्ट्रियों में नकली डीएपी खाद, पोटास और एसएसपी सहित अन्य उत्पाद तैयार हो रहे थे। इसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सभी फैक्ट्रियों में दबिश दी। एक एक फैक्ट्री में नकली खाद के हजारों कट्टे भरे हुए मिले। ये सब कट्टे गांव में किसानों को बेचे जाने थे।

धरती पुत्रों के साथ हो रहा था अन्याय
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि धरती पुत्रों के साथ बड़ा धोखा हो रहा था। खाद के नाम पर पत्थर का चूरा और मिट्टी से नकली खाद तैयार हो रही थी। हैरानी की बात यह है कि ये फैक्ट्रियां पिछले कई महीनों से संचालित है। संभवतया कुछ वर्ष भी हो गए होंगे। इसके बावजूद किसी को कानो कान खबर तक नहीं कि यहां ब्रांडेड पेकिंग में नकली माल भर कर बेचा जा रहा है। डॉ. मीणा ने कहा कि किसानों के साथ इस तरह से धोखा करने वाले राक्षसों को वे किसी भी कीमत पर नहीं बक्शेंगे।

Latest articles

हर सरकारी खाता वित्त विभाग की अनुमति से ही खुलेगा

भोपाल प्रदेश सरकार ने लगभग पांच वर्ष बाद कोष एवं लेखा विभाग में व्यापक सुधार...

कैंसर मरीजों के लिए संजीवनी बनेगी भोपाल एम्स की खास बुकलेट

भोपाल कैंसर का नाम सुनते ही मरीज और उनका परिवार घबराहट, डर और असमंजस में...

ईरानी डेरे पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई सवा करोड़ का माल बरामद

भोपाल राजधानी भोपाल में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ईरानी डेरे पर आधी रात...

राष्ट्र कवि सत्यनारायण “सत्तन” ने कवि सुरेश सोनपुरे “अजनबी” को प्रदान किया “हिंदी रत्न सम्मान 2026”

भोपाल मां शारदा साहित्यिक मंच, भोपाल के प्रमुख राजू धाकड़ “सरल” के अथक प्रयासों से...

More like this

विश्वास का प्रतीक होती हैं सहकारिता संस्थाएं: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि...

ग्राम उत्थान शिविर’ से संवर रहा ग्रामीण राजस्थान

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की 'जनसेवा ही सर्वोपरि' की अवधारणा को साकार करते हुए प्रदेश...

पटना-इंदौर एक्सप्रेस में कछुओं की तस्करी

भोपाल रेल से प्रतिबंधित वन्यजीवों की तस्करी के एक गंभीर मामले में आरपीएफ ने पटना-इंदौर...