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शांति धारीवाल को नहीं मिलेगा टिकट? गहलोत के खास क्यों बनते जा रहे गले की फांस

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जयपुर

राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अब तक पांच सूचियां के जरिए उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। लेकिन फिर भी अभी तक CM अशोक गहलोत के करीबी शान्ति धारीवाल को टिकट का इंतजार है। कांग्रेस हाईकमान को चुनौती देने वाले धारीवाल का नाम फिर से सूची में नहीं आने को लेकर सियासत में जमकर चर्चाएं हो रही है। मंत्री शांति धारीवाल का राजनीतिक भविष्य अधर में झूल रहा है, क्या वाकई कांग्रेस आलाकमान धारीवाल से इतना नाराज हैं कि उनका पत्ता काटा जा सकता है, सियासी गलियारों में यह चर्चा गूंज रही है।

आखिर हाई कमान को चुनौती देने वाले शांति धारीवाल का क्या होगा?
कांग्रेस की चौथी और पांचवी सूची जारी होने के बाद भी हाड़ौती के कांग्रेसी दिग्गज शांति धारीवाल का नाम नहीं आया। इसको लेकर एक बार फिर उनके समर्थक कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गई है। सियासत में चर्चा है कि क्या वाकई में हाई कमान शांति धारीवाल से नाराज है। क्या धारीवाल को इस बार टिकट नहीं मिलेगा। इसको लेकर लगातार राजनीतिक पर चढ़ा हुआ है। उधर, कोटा में धारीवाल के समर्थक कार्यकर्ताओं में इस बार आशा थी कि, शायद चौथी या पांचवी सूची में उन्हें टिकट मिल सकता है। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।

हाई कमान को चुनौती देना क्या वाकई में धारीवाल को पड़ गया भारी
सियासत में शांति धारीवाल के उस बयान को लेकर काफी चर्चा है, जिसमें उन्होंने सियासी संकट के दौरान 25 सितंबर को दिल्ली से आए पर्यवेक्षक के समक्ष बगावत की थी। इसको लेकर कांग्रेसी विधायकों की बैठक में उन्होंने हाई कमान को ललकारते हुए कहा कि ‘कौन है हाई कमान’। धारीवाल का यह बयान अब उन्हीं पर भारी पड़ रहा है, ऐसा माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति के बैठक में भी सोनिया गांधी ने शांति धारीवाल के नाम को देखकर इशारों में आपत्ति जताई। उन्होंने इशारों में कहा कि ‘यह वही है ना’….। यानि इसके माध्यम से सोनिया ने इशारे में कह दिया कि हाई कमान को चुनौती देने वाले धारीवाल को वह भूली नहीं है।

महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौड़ पर भी नहीं हुआ फैसला
उधर, शांति धारीवाल का साथ निभाने वाले महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौड़ भी हाई कमान के निशाने पर है। इन दोनों नेताओं ने भी धारीवाल का साथ निभाया था। ऐसे में अभी तक उनके टिकट को लेकर भी स्थिति साफ नहीं हो पाई है। इधर, महेश जोशी टिकट की मिन्नत को लेकर कभी सालासर बालाजी तो, कभी गिरिराज धणी के यहां परिक्रमा लगाकर ढोंक लगाते हुए नजर आ रहे हैं। इसी तरह आरटीडीसी के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ जो सीएम अशोक गहलोत के काफी करीबी माने जाते हैं। उनका टिकट भी अभी तक लटका हुआ है।

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