रायबरेली:
उत्तर प्रदेश के रायबरेली में राहुल गांधी की आभार सभा हुई। भुएमऊ में अमेठी और रायबरेली के लिए हुई कांग्रेस की आभार सभा में साफ हो गया है कि राहुल गांधी रायबरेली से ही सांसद रहेंगे? दरअसल, उन्होंने अपने संबोधन के दौरान खुद को रायबरेली का सांसद कहकर संबोधित किया। उनके इसी संबोधन को साफ संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
अमेठी और रायबरेली की आभार सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अमेठी की जनता से मैं कहना चाहता हूं कि मैं रायबरेली का सांसद हूं। मगर मैंने जो आपसे कहा था कि जो रायबरेली में होगा वह अमेठी में भी होगा। सभा में राहुल गांधी के इस हिस्से को राजनीतिक जानकार इसे स्पष्ट संदेश मान रहे हैं कि राहुल गांधी रायबरेली की ही सीट बरकरार रखेंगे। वह वायनाड सीट से इस्तीफा दे सकते हैं।
सपा के साथ गठबंधन करके कांग्रेस इस लोकसभा चुनाव में 17 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, जिसमें उसे छह सीटों पर सफलता मिली थी। राहुल गांधी इस बार वायनाड के साथ ही रायबरेली से भी चुनाव लड़े और जीते हैं। चार जून को परिणाम आने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में यह सवाल घूम रहा है कि राहुल दोनों में से कौन सीट सीट अपने पास रखेंगे और किस सीट से इस्तीफा देंगे। मंगलवार को जब रायबरेली के भुएमऊ से कांग्रेस की आभार सभा राहुल गांधी और केएल शर्मा के साथ शुरू होनी थी, तब ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि इसमें उस सवाल का जवाब मिलेगा, जोकि चार जून से राजनीतिक गलियारों में तैर रहा है? ऐसे में राहुल ने जब यह बात कही कि मैं रायबरेली का सांसद हूं तो उससे एक बार फिर कयासों को बल मिला है कि भले ही अभी स्पष्ट घोषणा बाकी है, लेकिन राहुल रायबरेली से ही सांसद रहेंगे। बीते लोकसभा चुनाव में जब राहुल गांधी अमेठी से चुनाव हार गए थे तब वह अमेठी पहुंचे थे और उन्होंने अमेठी के लोगों से कहा था कि अब मैं वायनाड का सांसद हूं। लेकिन आप लोगों से रिश्ता बना रहेगा।
यूपी की तारीफ, बड़ी जिम्मेदारी की बात
राहुल गांधी ने यूपी से आए राजनीतिक परिणाम की तारीफ भी की और उसे आगे की भूमिका के लिए तैयार रहने को भी कहा। उन्होंने कहा कि यूपी ने देश की राजनीति को स्पष्ट संदेश दिया है कि वह पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियों को पसंद नहीं करता है। देश की बदलती राजनीति का संदेश यूपी से ही जाएगा। अभी लड़ाई खत्म नहीं हुई है। देश की राजनीति को नया विजन देना है, तो वह यूपी से ही जाएगा। ऐसे में साफ है कि राहुल ने बता दिया है कि यूपी आगे की राजनीति के लिए काफी अहम है। ऐसे में यूपी से बड़ा संदेश जाने की उम्मीद करने वाले राहुल गांधी रायबरेली से अपनी सांसदी बरकरार रखकर यहां की राजनीति में कांग्रेस को मजबूती दे सकते हैं।
प्रदेश कांग्रेस चाहती है कि राहुल रायबरेली से ही रहें सांसद
हाल ही में कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में राहुल गांधी के रायबरेली से ही सांसद रहने का प्रस्ताव पास किया गया था। प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने यह माना था कि यूपी में अपनी खोई राजनीतिक जमीन तलाश रही कांग्रेस के लिए जरूरी है कि राहुल गांधी रायबरेली से ही सांसद रहें। उनके यहां से सांसद रहने से प्रदेश की राजनीति को ताकत मिलेगी। साल 2027 में यूपी में विधान सभा चुनाव भी प्रस्तावित हैं।
