मुंबई,
लोकसभा चुनाव होने के बाद अब सभी राजनीतिक पार्टियां आत्ममंथन में जुटी हैं. पार्टी नेता इस बार पर मंथन कर रहे हैं कि कौन-कौन सी सीटों पर किस वजह से हार मिली. इस कड़ी में गुरुवार को महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता अजित पवार ने एक होटल में विधायकों की बैठक बुलाई. खुद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार बारामति सीट से लोकसभा चुनाव अपनी ननद सुप्रिया सुले से हार गईं.
हालांकि अजित पवार की विधायकों संग बैठक से पहले खबर आई कि बैठक में अजित पवार के कई विधायक नहीं पहुंचे और वह शरद पवार के संपर्क में हैं. सूत्रों के मुताबिक बैठक में शामिल न होने वाले पांच विधायकों ने अपनी कुछ निजी कारण बताए. इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गरमा गया. अब अजित पवार ने मीडिया में आकर इस पर अपनी चुप्पी तोड़ी है.
विधायकों संग बैठक खत्म होने पर अजित पवार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि परिणामों के बाद मैंने किसी से बात नहीं की. हमें अपेक्षित नतीजे नहीं मिले. हम महाराष्ट्र के नतीजों से खुश नहीं हैं. मुझे लगता है कि नतीजों की जिम्मेदारी मेरी है. मुझे जनता के नतीजों को स्वीकार करना होगा. मैं नतीजों की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं. सभी विधायक हमारे साथ हैं. कोई भी विधायक नाखुश नहीं है. बारामती के नतीजों से मैं बहुत हैरान हूं और मुझे समझ में नहीं आता कि बारामती के ऐसे नतीजे कैसे आए.
‘हमें भविष्य में कड़े फैसले लेने होंगे’
उन्होंने कहा कि बारामती के लोगों ने मेरा समर्थन क्यों नहीं किया, मैं बहुत हैरान हूं. अन्य निर्वाचन क्षेत्रों को छोड़ दें लेकिन बारामती में मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी. मुसलमान हमसे दूर चले गए, संविधान बदलने की बात चल रही थी और हम उसका मुकाबला नहीं कर सके. यहां तक कि आरक्षण के मामले में, संभाजीनगर को छोड़कर मराठवाड़ा में महायुति को एक भी सीट नहीं मिली. हमें भविष्य में कड़े फैसले लेने होंगे.
अजित पवार ने कहा, “मैंने अमोल मिटकरी से कहा, ब्रीफिंग अलग थी. बारामती में कुछ नहीं हुआ. किसी को दोष नहीं दिया जाना चाहिए. मैं प्रदर्शन नहीं कर सका. मैं जिम्मेदारी लेता हूं. सुप्रिया सुले निर्वाचित हुईं, लेकिन मुझे लगता है कि मैं खुद प्रदर्शन नहीं कर सका. मैंने मतदाताओं को समझाने की कोशिश की कि संविधान नहीं बदला जा सकता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.”
विधायकों ने दिए व्यक्तिगत कारण
गौरतलब है कि एनसीपी (अजित पवार) के सूत्रों का कहना है कि सभी पांच विधायकों ने आज बैठक में शामिल न होने के व्यक्तिगत कारण बताए हैं. पांच विधायकों में से कोई भी शरद पवार खेमे के संपर्क में नहीं है. विधायकों की बैठक में शामिल न होने के लिए सभी के पास वैध व्यक्तिगत कारण हैं और इसकी सूचना शीर्ष नेताओं को पहले ही दे दी गई थी. विधायक धर्म राव बाबा अत्राम अस्वस्थ हैं, नरहरि झिरवाल रूस में हैं, सुनील तिंगरे बाहर गए हुए हैं, राजेंद्र शिंगणे अस्वस्थ्य हैं और अन्ना बंसोडे पहले से व्यस्त थे.
