गाजियाबाद
गाजियाबाद कोर्ट परिसर में मंगलवार को दिनभर हंगामा होता रहा एक तरफ वकीलों की टोली तो वहीं दूसरी तरफ पुलिस फोर्स नजर आ रही थी। बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नाहर सिंह यादव और उनके कुछ अन्य एडवोकेट साथी जिला जज अनिल कुमार (दस) की कोर्ट में सुनवाई के लिए गए थे। नाहर सिंह जिस केस की सुनवाई के लिए कोर्ट गए थे, उसे केस की आवाज पहले ही लग चुकी थी। समय करीब 11:25 का था।
नाहर सिंह यादव ने इस केस के बारे में जिला जज से कहा कि इस पर सुनवाई की जाए। हालांकि जज साहब ने कहा कि वो इस पर वह सुनवाई कर चुके हैं और अब इसकी सुनवाई कल होगी इसी बात पर आपस में बहस होती रही। आखिरकार नाहर सिंह यादव ने जिला जज से कहा कि आप यदि नहीं सुन सकते तो हमारा केस किसी दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर कर दीजिए। इसी बात पर दोनों की आपस में ही बहस होने लगी।
अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया
आरोप है कि जिला जज ने अपना कोट उतारा और वकीलों को अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। इस बात को लेकर वकीलों का गुस्सा भी साथ में आसमान पर पहुंच गया और आपस में अपशब्द कहे जाने लगे। जब आपस में हाथापाई की नौबत आई तो वहां खड़े लोगों ने जज साहब को रोका और उन्हें अंदर जाने के लिए कहा, लेकिन जिला जज और वकीलों के बीच तीखी झड़प होने लगी। कुछ देर बाद जिला जज अपने रूम में पहुंच गए।
वकीलों को रोकने 5 मिनट में पहुंची पुलिस
आरोप है कि वकील उनके चेबर तक जाने लगे तो उन्हें रोकने का प्रयास किया गया। यह सब कुछ 5 मिनट के अंदर हो गया और करीब 11:30 बजे इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक तत्काल प्रभाव से पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद वकीलों ने मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए।
कोर्ट में मुरादाबाद के नारे लगे
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि जिला जज की कोर्ट किसी केस की सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान कुछ वकीलों और जिला जज में आपस में बहस हो गई और देखते-देखते झगड़ा बढ़ गया। उन्होंने बताया कि जब वकील कोर्ट में मुरादाबाद के नारे लगाने लगे तो जिला जज अपने चेंबर में चले गए और इसकी जानकारी करीब 11:30 बजे पुलिस को दी गई।
उन्होंने बताया कि वह खुद फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और वकीलों को समझने का प्रयास किया। हालांकि वकील उग्र हो गए और उन्होंने जिला जज कोर्ट में तोड़फोड़ करते हुए जिला जज के चेंबर में घुसने का प्रयास किया। जब वकील काफी प्रयास के बाद भी नहीं रुके तो उन्हें चैंबर से बाहर निकालने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया। इस दौरान उप निरीक्षक राजेश चौधरी घायल हो गए।
एक घंटे कोर्ट में चला बवाल
एसीपी ने बताया कि जब कोर्ट से वकीलों को बाहर निकल गया तो पुलिस चौकी में रखे फर्नीचर को आग के हवाले कर दिया गया। इसके बाद भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। उन्होंने बताया कि कोर्ट परिसर में 11:30 बजे इस मामले की शुरुआत हुई और 12:30 बजे तक बवाल चलता रहा। फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से कोर्ट परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
वकीलों को गाली देने और पिटवाने का आरोप
उधर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नाहर सिंह यादव ने आरोप लगाया कि एक केस की सुनवाई चल रही थी। अचानक ही जज साहब गुस्से में आ गए और वकीलों के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। उन्होंने अपना कोट उतार दिया और पेंट उतारने लगे तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें रोका, उसके बाद भी वह वकीलों के पास आने लगे।
उन्हें कहा गया कि यदि आप वकीलों के बीच आए और गुस्से में कुछ हो गया तो वह गलत होगा। हालांकि उसके बाद भी वह शांत नहीं हुए और उन्होंने पुलिस बुलाकर कोर्ट के अंदर ही वकीलों को दौड़ा-दौड़ा कर पिटवाया। इस दौरान कई वकील घायल हुए हैं, उनका बेटा भी जो सुप्रीम कोर्ट में वकील है, वह भी घायल हुआ है।
वकालत करना छोड़ दूंगा: नाहर सिंह
उन्होंने कहा कि वकीलों पर जितने भी आरोप लगाए जा रहे हैं। बिलकुल निराधार हैं। नाहर सिंह यादव का कहना है कि जिला जज साहब उस समय की सीसीटीवी फुटेज दिखाएं तो उसमें यह साफ होगा कि इस पूरे प्रकरण में किसकी गलती थी। उन्होंने यहां तक दावा किया कि यदि उनकी गलती पाई गई तो वह वकालत करना छोड़ देंगे।
