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Wednesday, April 29, 2026
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पेपर लीक करने वालों की खैर नहीं, कानून बनाकर शिकंजा कसने की तैयारी में CM योगी

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लखनऊ ,

उत्तर प्रदेश सरकार अब पेपर लीक पर सख्त कानून बनाने जा रही है. इस नए कानून में पेपर लीक और सॉल्वर गैंग जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई का प्रावधान होगा. पेपर लीक करने वालों पर भारी जुर्माना से लेकर बुलडोजर कार्रवाई और यहां तक कि जेल का भी प्रावधान होगा.

पेपर काउंटिंग के लिए बनेगी नई नीति
सरकार ने पेपर काउंटिंग रोकने के लिए नई नीति की भी घोषणा की है. इसके तहत हर शिफ्ट में 2 या उससे ज़्यादा पेपर सेट होने चाहिए. हर सेट के प्रश्नपत्रों की छपाई अलग-अलग एजेंसी से कराई जाएगी. साथ ही पेपर कोडिंग की भी व्यवस्था की जाएगी. चयन परीक्षाओं के केन्द्रों के लिए केवल राजकीय माध्यमिक, डिग्री कॉलेज, विश्वविद्यालय, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज या स्वच्छ ट्रैक रिकॉर्ड वाले सुविख्यात, वित्तपोषित शिक्षण संस्थानों को ही केन्द्र बनाया जाएगा.

चार एजेंसियां कराएंगी भर्ती परीक्षा
ये केंद्र वहीं होंगे जहां सीसीटीवी की व्यवस्था होगी. अब भर्ती परीक्षा कराने के लिए चार एजेंसियों की अलग-अलग जिम्मेदारी होगी. यही नहीं अब परीक्षार्थियों को परीक्षा देने के लिए अपने गृह संभाग से बाहर जाना होगा. स‍िर्फ दिव्यांगों और महिलाओं पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा. क‍िसी परीक्षा में चार लाख से अधिक अभ्यर्थी होने पर परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाएगी.

पीसीएस परीक्षा एक ही पाली में कराने का विकल्प है. इसके अलावा रिजल्ट बनाने में धांधली रोकने के लिए आयोग और बोर्ड में ही ओएमआर शीट की स्कैनिंग कराई जाएगी. अब प्रश्नपत्र में एक गुप्त कोड भी होगा. प्रश्नपत्र के हर पन्ने पर यूनिक बारकोड, क्यूआर कोड, यूनिक सीरियल नंबर जैसे गोपनीय सुरक्षा चिह्न लगाने होंगे ताकि जरूरत पड़ने पर उसकी सीरीज के बारे में जानकारी हासिल की जा सके.

प्रिंट‍िंंग प्रेस को लेकर होंगे ये नियम
प्रश्नपत्र लाने-ले जाने के लिए बक्सों में छेड़छाड़-रोधी मल्टी लेवल पैकेजिंग होगी. प्रश्नपत्र सेट करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा. प्रश्नपत्र छापने वाली एजेंसी का परीक्षा नियंत्रक द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण किया जाएगा. प्रश्नपत्र छापने वाली प्रिंटिंग प्रेस के चयन की पूरी गोपनीयता रखी जाएगी. प्रेस में आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी. सभी के पास पहचान पत्र होना अनिवार्य होगा. बाहरी लोगों को प्रेस में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. प्रेस में स्मार्टफोन और कैमरा ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. प्रेस के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और इसकी रिकॉर्डिंग 1 साल तक सुरक्षित रखी जाएगी.

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