जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उपस्थिति में ‘विदेशी भाषा संचार कौशल कार्यक्रम’ के तहत महत्वपूर्ण एमओयू (MOU) संपन्न हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार में युवाओं के साथ जो अन्याय हुआ, उसे हमारी सरकार ने समाप्त किया है। युवाओं को पेपरलीक के दंश से मुक्ति मिली है और अब तक 351 परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशी भाषाएं सीखने के लिए किए गए ये एमओयू ऐतिहासिक हैं, जिनसे राजस्थान के युवा अब देश की सीमाओं से बाहर जाकर लंबी उड़ान भर सकेंगे।
उन्होंने जोर दिया कि आज की युवाशक्ति केवल डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि कौशल संवर्धन (Skill Development) की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है। राज्य सरकार ने इसके लिए इंग्लिश एण्ड फॉरेन लैंग्वेजेज यूनिवर्सिटी (EFLU), हैदराबाद और नेशनल स्किल डवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NSDC) सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ हाथ मिलाया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और संस्कृतियों को जोड़ने का जरिया है। उन्होंने राजस्थान सरकार के इस विजन की सराहना करते हुए कहा कि कौशल विकास ही युवाओं के भविष्य की असली चाबी है।
