Sunday , October 25 2020

बनने चला था बुरहान का ‘वारिस’, मुठभेड़ में ढेर

श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में बुधवार सुबह मुठभेड़ में मारे गए दोनों आतंकियों को सुरक्षा बलों के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। मारे गए आतंकियों की पहचान शीर्ष हिज्बुल कमांडर अल्ताफ अहमद डार उर्फ अल्ताफ कचरू व उसके सहयोगी उमर राशिद के रूप में हुई। अल्ताफ अहमद डार उर्फ कचरू बुरहान वानी का करीबी भी था। हिज्बुल मुजाहिद्दीन का ये आतंकी कुलगाम में डिस्ट्रिक्ट कमांडर के रूप में कई वर्षों से सुरक्षा बलों को निशाना बना रहा था।

बुरहान की मौत के बाद कचरू को उसके उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता था। वह कई कश्मीरी युवाओं की मुजाहिद्दीन में भर्ती कराने में भी सक्रिय था। इसी साल मई महीने में हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को मिले टेप में कचरू को एके 47 राइफल लहराते हुए कुलगाम के एक रिहायशी इलाके में अंदर जाते हुए देखा गया था।

विडियो में दिख रहा था कि सीआरपीएफ से बचने के लिए स्थानीय लोग भी उसकी मदद कर रहे हैं। कचरू को 2017 में हिज्बुल मुजाहिद्दीन के नए कश्मीर ऑपरेशनल चीफ और कमांडर के रूप में नियुक्त किया गया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस और भारतीय सेना ने कचरू और कासिम को ए++ कैटिगरी के आतंकियों की लिस्ट में शामिल किया था।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के अंतर्गत आनेवाले मुनवार्ड में बुधवार सुबह से ही सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई थी। काफी देर तक चली मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दोनों आतंकियों को मार गिराया। दोनों के पास से हथियारों का जखीरा बरामद हुआ है। आतंकियों पर ऐक्शन के लिए मौके पर पुलिस, आर्मी समेत सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) की टीमें पहुंची थीं। कार्रवाई के दौरान जिले में एहतियातन मोबाइल-इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई।

बुधवार तड़के हुई मुठभेड़
बिनपोरा गांव में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद दिन की शुरुआत में सुरक्षा बलों द्वारा इलाके के गांव को घेर लेने के बाद यह मुठभेड़ शुरू हुई। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘जैसे ही राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), राज्य पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीम घर के पास पहुंची, वहां छिपे हुए आतंकवादियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई।’

15 लाख रुपये का इनाम घोषित था
कचरू कुलगाम जिले के रेडवानी गांव का रहने वाला था, उसपर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। कचरू के मारे जाने को दक्षिण कश्मीर इलाके में आतंकवाद रोधी अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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