16.4 C
London
Sunday, May 31, 2026
HomeराजनीतिUPA सरकार में भी जारी हुआ था संसद में धरने पर रोक...

UPA सरकार में भी जारी हुआ था संसद में धरने पर रोक का आदेश, अब बवाल क्यों?

Published on

नई दिल्ली

संसद के मानसून सत्र से पहले राज्यसभा सचिवालय ने शुक्रवार को एक सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक संसद भवन परिसर का इस्तेमाल धरना, प्रदर्शन, हड़ताल, अनशन या धार्मिक समारोहों के लिए नहीं किया जा सकता। राज्यसभा सचिवालय के बुलेटिन में कहा गया है, “सदस्य किसी भी प्रदर्शन, धरना, हड़ताल, उपवास या किसी धार्मिक समारोह के लिए संसद भवन के परिसर का उपयोग नहीं कर सकते हैं।” सचिवालय के इस सर्कुलर के बाद से विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का आदेश जारी किया गया है।

इससे पहले खुद कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में भी ठीक इसी तरह का आदेश जारी किया गया था। पार्लियामेंट्री बुलेटिन के नाम से 2 दिसंबर 2013 को ठीक इसी तरह का सर्कुलर जारी किया गया था। उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार की थी। तब के सर्कुलर में भी संसद के अंदर प्रदर्शन, धरना, हड़ताल, उपवास या किसी धार्मिक समारोह का प्रतिबंध की बात की गई थी।

हालांकि इन एडवायजरी के बावजूद संसद भवन में लगभग हर सत्र के दौरान धरना प्रदर्शन और हड़ताल होती रही है। ताजा सर्कुलर की बात करें तो इसको लेकर कांग्रेस महासचिव एवं राज्यसभा में पार्टी के मुख्य व्हिप जयराम रमेश ने सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, ‘विषगुरू का ताजा प्रहार…धरना मना है।’’ उन्होंने इसके साथ 14 जुलाई का बुलेटिन भी साझा किया।

विपक्ष की नाराजगी खारिज करते हुए लोकसभा कार्यालय का कहना है कि यह एक रूटीन प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह का सर्कुलर साल 2013-14 से हमेशा ही जारी हो रहा है। एक दिन पहले ही, संसद में बहस आदि के दौरान सदस्यों द्वारा बोले जाने वाले कुछ शब्दों को असंसदीय शब्दों की श्रेणी में रखे जाने के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने सरकार को घेरते हुए कहा था कि सरकार की सच्चाई दिखाने के लिए विपक्ष द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सभी शब्द अब ‘असंसदीय’ माने जाएंगे।

Latest articles

कर्नाटक की सियासत में बड़ा बदलाव: डीके शिवकुमार होंगे राज्य के 24वें मुख्यमंत्री, 3 जून को लेंगे शपथ

बेंगलुरु/भोपाल। कर्नाटक की राजनीति में शनिवार को एक नए युग की शुरुआत हो गई...

श्री गुरु अर्जुन देव जी का बलिदान सत्य, सेवा और मानवता की रक्षा का अमर संदेश: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सिखों के पांचवें गुरु, श्री गुरु अर्जुन...

भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सीएम भजनलाल शर्मा का बड़ा प्रहार: जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अधिकारियों को दी सख्त हिदायत

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में सुशासन की स्थापना और आमजन...

More like this

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...

इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन: पट्टा धारियों के घर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध

भोपाल राजधानी के वार्ड 66 स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी के निवासियों के आशियानों पर मंडरा...