11.2 C
London
Thursday, March 12, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयइराक में श्रीलंका जैसे हालात, प्रदर्शनकारियों का संसद पर कब्जा

इराक में श्रीलंका जैसे हालात, प्रदर्शनकारियों का संसद पर कब्जा

Published on

बगदाद,

इराक में अब श्रीलंका जैसा विरोध देखने को मिल रहा है. बगदाद में बुधवार को आक्रोशित सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन पर कब्जा कर लिया. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादातर प्रदर्शनकारी इराकी शिया लीडर मुक्तदा अल सदर के समर्थक हैं. प्रदर्शनकारी ईरान समर्थित पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री के लिए पूर्व मंत्री और पूर्व प्रांतीय गवर्नर मोहम्मद शिया अल-सुदानी की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे हैं.

प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को बगदाद के उच्च सुरक्षा वाले ग्रीन जोन, सरकारी भवनों और राजनयिक मिशनों के घर में प्रवेश किया. इसके बाद वे संसद में गुस गए. हालांकि उस समय संसद में कोई भी सांसद मौजूद नहीं था. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक उस वक्त संसद भवन के अंदर सिर्फ सुरक्षाकर्मी मौजूद थे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आसानी से अंदर जाने दिया.

पुलिस ने रोकने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया
प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को शिया नेता अल-सदर की तस्वीरें भी हाथ में ले रखी थीं. पुलिस ने पहले सीमेंट की दीवारों को गिराने वाले प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया.

अल जजीरा के मुताबिक पुलिस मेन गेट पर भीड़ को रोकने के लिए तैनात हो गई लेकिन ग्रीन जोन के दो प्रवेश द्वारों पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ जुटने लगी, जिसके बाद उन्होंने पुलिस द्वारा लगाई गईं सीमेंट की दीवार को तोड़ दिया और “अल-सुदानी, आउट!” के नारे लगाए. ये प्रदर्शनकारी इराक के कई शहरों से आए थे.प्रदर्शन की सामने आईं तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि सैकड़ों लोग इराक की संसद में घुसकर इराकी झंडा लहरा रहे हैं. कुछ तो टेबल-कुर्सियों पर चढ़ गए थे.

पीएम ने ग्रीन जोन खाली करने की दी चेतावनी
वहीं, कार्यकारी प्रधानमंत्री मुस्तफा अल कदीमी ने प्रदर्शनकारियों से ग्रीन जोन खाली करने को कहा है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सुरक्षा बल राज्य संस्थानों और विदेशी मिशनों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगे.

इसलिए पीएम के लिए ढूंढा जा रहा नया चेहरा
मौलवी अल-सदर के गुट ने इराक के अक्टूबर 2021 के आम चुनाव में 73 सीटें जीती थीं, जिससे यह 329 सीटों वाली संसद में सबसे बड़ा गुट बन गया, लेकिन इराक का राष्ट्रपति बनने के लिए जरूरी बहुमत न जुटा पाने की वजह से मुक्तदा अल-सदर ने सरकार बनाने की बातचीत से खुद को बाहर कर लिया था.

Latest articles

गौ संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए राज्य में आएगी ‘गौ सेवा नीति’— मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में गौ संरक्षण, संवर्धन और सुरक्षा को...

टीईटी निर्णय के विरोध में शिक्षक-कर्मचारी एकजुट, 13 मार्च को जिलों में ज्ञापन

भोपाल मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी एवं पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टीईटी परीक्षा को...

लाइसेंस नवीनीकरण नहीं कराने पर 6 निजी अस्पतालों को नोटिस — 31 मार्च के बाद संचालित पाए जाने पर होगी कार्रवाई

भोपाल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय ने लाइसेंस और पंजीयन का नवीनीकरण नहीं...

कमला नगर में युवक ने फांसी लगाकर की खुदकुशी

भोपाल राजधानी के कमला नगर थाना क्षेत्र स्थित मांडवा बस्ती में एक 24 वर्षीय युवक...

More like this

ईरान के नए सुप्रीम लीडर बने मुजतबा खामेनेई

तेहरान। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को...

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का दावा, ईरानी मीडिया ने दी जानकारी

ईरानी मीडिया तस्नीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने दावा किया है कि ईरान के...