नई दिल्ली,
देश में महंगाई के दौर में गेहूं और आटे की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली है. इसके चलते लोगों की रसोई का बजट गड़बड़ा गया है. इसे देखते हुए पंजाब सरकार ने राज्य मे आटे की होम डिलीवरी शुरू करने का फैसला किया है. यह सुविधा 1 अक्टूबर 2022 से मिलनी शुरू हो जाएगी.
राज्य को 8 जोन में बांटा गया
पंजाब के लोगों को घर-घर राशन मुहैया कराने के अपने ऐलान के तहत राज्य सरकार ने आटे की होम डिलीवरी सुविधा की शुरुआत का ऐलान किया था. इसके तहत प्रत्येक लाभार्थी को दो रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं या गेहूं का आटा दिया जाएगा. यह योजना एक चरण में लागू की जाएगी, जिसके लिए पूरे राज्य को 8 जोन में बांटा गया है.
खाद्य मंत्री ने साझा की जानकारी
रविवार को पंजाब सरकार में खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री लाल चंद कटारुचक ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत रजिस्टर्ड प्रत्येक लाभार्थी को 1 अक्टूबर से गेहूं के आटे की होम डिलीवरी का ऑप्शन मिलेगा. खाद्य मंत्री के अनुसार, नई होम डिलीवरी योजना से लाभार्थियों को आटा पीसने के खर्च के संबंध में करीब 170 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है.
जीपीएस-कैमरों से लैस डिलिवरी वैन
लाल चंद कटारुचक ने कहा कि आटे की होम डिलीवरी सुविधा मोबाइल फेयर प्राइस शॉप्स (MPS) की धारणा को पेश करेगी. यह एक ट्रांसपोर्ट वाहन होगा, जो GPS और कैमरों से लैस होगा. इसके जरिए लाभार्थी मुहैया कराए जाने को लाइव स्ट्रीम (Live Stream) किया जा सकेगा. एमपीएस वाहन में बायोमेट्रिक सत्यापन, तौल की सुविधा, लाभार्थी के लिए प्रिंटेड पर्ची जैसी सुविधाएं मौजूद होंगी. इसके लिए लाइसेंस खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे. इन वाहनों को राशन की दुकानों का दर्जा प्राप्त होगा.
1.83 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा लाभ
गौरतलब है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार बनने के बाद, मार्च 2022 में एनएफएसए के तहत राज्य के 1.83 करोड़ लाभार्थियों को गेहूं का आटा देने का निर्णय लिया गया था. इसका मकसद लोगों को महंगाई के बीच सस्ता आटा मुहैया कराना था. इस क्रम में आटे की होम डिलीवरी का प्रस्ताव भी शामिल था.
