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उत्तर से दक्षिण शिफ्ट हुई प्रियंका की राजनीति? तेलंगाना कांग्रेस के नेताओं से क्यों मंथन

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हैदराबाद

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी सोमवार शाम को तेलंगाना के नेताओं से मुलाकात करने वाली हैं। इस दौरान मुनुगोड़े उपचुनाव के लिए चुनाव रणनीति पर बातचीत हो सकती है। इसी के साथ पार्टी इकाई के अंदर गुटबाजी और नेतृत्व से नेताओं की नाराजगी भी दूर करने की कोशिश होगी। दूसरी ओर चर्चा यह भी है कि प्रियंका गांधी से यूपी कांग्रेस का प्रभार वापस लिया जा सकता है। इस पर पार्टी हाईकमान गंभीरता से विचार कर रहा है। ऐसे में उत्तर के बाद अब प्रियंका गांधी दक्षिण की राजनीति का रुख करती दिख रही हैं।

23 अगस्त को दिल्ली में कांग्रेस की एक बैठक होने वाली है। इससे पहले सोमवार शाम 5 बजे 10 जनपथ में प्रियंका गांधी तेलंगाना कांग्रेस के नेताओं से मिलेंगी। बताया जा रहा है कि मुनुगोड़े उपचुनाव पर चर्चा के साथ ही इस दौरान कोमातिरेड्डी वेंकट रेड्डी और तेलंगाना कांग्रेस प्रमुख रेवंत रेड्डी के बीच के मतभेद को दूर करने की कोशिश की जाएगी।

यूपी के बाद दूसरा चुनावी असाइनमेंट
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कमान संभालने के बाद यह प्रियंका गांधी का दूसरा बड़ा चुनावी असाइनमेंट होगा। सोमवार को होने वाली बैठक में प्रियंका तीन सांसद रेवंत, वेकंट और एन उत्तर कुमार रेड्डी के अलावा विधायक दल के नेता भट्टी विक्रमार्का, एमएलसी जीवन रेड्डी, प्रचार व चुनाव कमिटी के चेयरमैन मधु याश्की गौड़ और दामोदर राजनारसिम्हा से मुलाकात करेंगी।

तेलंगाना पर प्रियंका गांधी के बढ़ते फोकस ने उनके दक्षिण भारत की राजनीति में शिफ्ट होने की अटकलों को जन्म दिया है। दरअसल कांग्रेस नेताओं ने पुष्टि की है कि महासचिव राहुल गांधी दूसरे असाइनमेंट में व्यस्त रहेंगे।

क्या है पार्टी नेताओं की नाराजगी की वजह?
हाल ही में एआईसीसी सचिव नदीम जावेद को तेलंगाना भेजा गया है जो प्रियंका गांधी को सीधे रिपोर्ट करेंगे। उन्होंने रविवार को पूर्व मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता मारी शशिधर रेड्डी से उनके हैदराबाद आवास पर मुलाकात की और प्रियंका गांधी के सामने उनकी चिंताओं को रखने का आश्वासन दिया।

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मुख्य नाराजगी रेवंत रेड्डी के काम करने की प्रणाली से है। उनका मानना है कि इससे पार्टी पर खराब असर पड़ रहा है। साथ ही आरोप लगाया जा रहा है कि मणिकम टैगोर और सुनील कनुगोलु ने रेवंत के साथ गैंगिंग करके वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज कर दिया है। दिल्ली बैठक इस लिहाज से काफी महत्वपूर्ण बताई जा रही है।

भाई के खिलाफ प्रचार नहीं करेंगे वेंकट रेड्डी
वेंकट रेड्डी मुनुगोड़े में पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती पर पार्टी के 100 दिन के आयोजन से नदारद रहे थे। वेंकट के छोटे भाई राज गोपाल रेड्डी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में रविवार को बीजेपी में शामिल हो गए। इसके बाद चर्चा है कि बड़े भाई अब छोटे भाई के खिलाफ प्रचार नहीं करेंगे। राज गोपाल रेड्डी ने हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। वह मुनुगोड़े से विधायक थे।

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