नई दिल्ली
अगर आपको घर से काम करना पसंद है, तो आपके लिए अच्छी खबर है। सरकार वर्क फ्रॉम होम इकोसिस्टम को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेगी। पीएम मोदीने गुरुवार को कहा कि वर्क फ्रॉम होम इकोसिस्टम, फ्लेक्सिबल वर्क प्लेसेज और फ्लेक्सिबल वर्किंग आवर्स भविष्य की जरूरतें हैं। पीएम ने राज्यों के श्रम मंत्रियों और सचिवों के दो दिन के सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। पीएम ने कहा कि देश पहली तीन औद्योगिक क्रांतियों का लाभ उठाने में पीछे रह गया। अब मौजूदा चौथी औद्योगिक क्रांति का लाभ उठाने के लिये हमें त्वरित निर्णय लेने और उन्हें तेजी से लागू करने की जरूरत है। पीएम ने कहा, “बदलते हुए समय के साथ जिस तरह जॉब की प्रकृति बदल रही है, वो आप भी देख रहे हैं। दुनिया तेजी से बदल रही है और इसका लाभ लेने के लिये हमें भी उसी गति से तैयार होना होगा।”
करना होगा नारी शक्ति का सही उपयोग
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में नारी शक्ति का सही उपयोग करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश नारी शक्ति का सही उपयोग कर 2047 की आकांक्षाओं के अनुरूप अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकता है। पीएम ने कहा, ‘‘हमें सोचना होगा कि हम अपने महिला कार्यबल के लिये खासकर उभरते क्षेत्रों में और क्या कर सकते हैं। हम फ्लेक्सिबल वर्किंग आवर्स को अपनाकर नारी शक्ति का अच्छा उपयोग कर सकते हैं। यह भविष्य की आवश्यकता है।’’
नए श्रम कानूनों पर भी की बात
अपने संबोधन में पीएम ने श्रम कानूनों पर भी बात की। पीएम ने कहा, ”आप सभी भली-भांति जानते हैं कि हमारे देश में ऐसे कितने लेबर कानून रहे हैं, जो अंग्रेजों के समय से चले आ रहे थे। बीते आठ वर्षों में हमने देश में गुलामी के दौर के और गुलामी की मानसिकता वाले कानूनों को खत्म करने का बीड़ा उठाया है। देश अब ऐसे लेबर कानूनों को बदल रहा है, रीफॉर्म कर रहा है, उन्हें सरल बना रहा है। इसी सोच से 29 लेबर कानूनों को 4 सरल लेबर कोड्स में बदला गया है। इससे हमारे श्रमिक भाई-बहन न्यूनतम सैलरी, रोजगार की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसे विषयों पर और सशक्त होंगे।”
गिग और प्लेटफॉर्म इकोनॉमी का ट्रेंड
पीएम ने कहा, “आज दुनिया डिजिटल युग में प्रवेश कर रही है, पूरा वैश्विक परिवेश तेजी से बदल रहा है। आज हम सब गिग और प्लेटफॉर्म इकोनॉमी के रूप में रोजगार के एक नए आयाम के साक्षी बन रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग हो, ऑनलाइन हेल्थ सर्विसेस हों, ऑनलाइन टैक्सी और फूड डिलिवरी हो, ये आज शहरी जीवन का हिस्सा बन चुका है। लाखों युवा इन सेवाओं को, इस नए बाजार को गति दे रहे हैं। इन नई संभावनाओं के लिए हमारी सही नीतियाँ और सही प्रयास इस क्षेत्र में भारत को ग्लोबल लीडर बनाने में मदद करेंगे।”
वर्ष 2047 के लिए विजन तैयार कर रहा श्रम मंत्रालय
पीएम ने कहा, “देश का श्रम मंत्रालय अमृतकाल में वर्ष 2047 के लिए अपना विजन भी तैयार कर रहा है। भविष्य की जरूरत है- वर्कफ्रॉम होम इकोसिस्टम, फ्लेक्सिबल वर्क प्लेसेज और फ्लेक्सिबल वर्किंग आवर्स। हम फ्लेक्सिबल वर्क प्लेसेज जैसी व्यवस्थाओं को महिला श्रमशक्ति की भागीदारी के लिए अवसर के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। देश में नए उभर रहे सेक्टर्स में महिलाओं के लिए क्या कुछ और कर सकते हैं, हमें इस दिशा में भी सोचना होगा।”
पैदा करनी होगी हाई क्वालिटी स्किल्ड वर्कफोर्स
पीएम ने आगे कहा, “21वीं सदी में भारत की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि हम अपने डेमोग्राफिक डिविडेंड का कितनी सफलता से उपयोग करते हैं। हम हाई क्वालिटी स्किल्ड वर्कफोर्स क्रिएट कर वैश्विक अवसरों का लाभ ले सकते हैं। भारत दुनिया के कई देशों के साथ माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट्स भी साइन कर रहा है। देश के सभी राज्यों को इन अवसरों का लाभ मिले, इसके लिए हमें प्रयास बढ़ाने होंगे, एक दूसरे से सीखना होगा।”
