भोपाल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेशभर में संचालित 84 हजार 282 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़ी योजनाओं और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से जनता तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। स्वीकृतियां शीघ्र जारी करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं के संचालन के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी से लागत बढ़ती है और जनता को असुविधा होती है, इसलिए सभी प्रक्रियाएं समयसीमा में पूरी की जाएं।
लापरवाह कार्मिकों पर होगी कड़ी कार्रवाई बैठक में मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यों में लापरवाही या शिथिलता बरतने वाले कार्मिकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे नियमित मॉनिटरिंग करें और जमीनी स्तर पर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास और सुशासन के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है तथा ‘राज-उन्नति’ के माध्यम से बड़े प्रोजेक्ट्स की सतत समीक्षा कर समय पर पूर्णता सुनिश्चित की जा रही है।
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