9.3 C
London
Wednesday, March 25, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयकंगाली में आटा गीला... बाढ़ में डूबी पाकिस्तान की इकोनॉमी, 40 अरब...

कंगाली में आटा गीला… बाढ़ में डूबी पाकिस्तान की इकोनॉमी, 40 अरब डॉलर का नुकसान

Published on

इस्लामाबाद

पाकिस्तान में बाढ़ सिर्फ वहां के लोगों पर ही नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था पर भी कहर बनकर टूटी है। पाकिस्तान में बाढ़ से बड़ा भारी नुकसान हुआ है। पाकिस्तान को भीषण बाढ़ के कारण 40 अरब डॉलर से अधिक का आर्थिक नुकसान हो सकता है। एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है। यह आंकड़ा संयुक्त राष्ट्र (UN) महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के 30 अरब डॉलर के आकलन से भी अधिक है। वह पिछले सप्ताह पाकिस्तान की यात्रा पर थे। अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा कि राष्ट्रीय बाढ़ प्रतिक्रिया समन्वय केंद्र (NFRCC) की बैठक में 40 अरब डॉलर के आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया है। पहले से ही कर्ज में डूबे पाकिस्तान के लिए यह नुकसान ‘कंगाली में आटा गीला’ के समान है।

पाकिस्तान को बहुत भारी पड़ेगी यह बाढ़
पाकिस्तान के योजना मंत्री और एनएफआरसीसी के अध्यक्ष अहसान इकबाल ने कहा, ‘‘विनाशकारी परिस्थितियों से पता चलता है कि बाढ़ के नुकसान का दायरा 30 अरब डॉलर से लेकर 40 अरब डॉलर से भी अधिक हो सकता है।’’एनएफआरसीसी की इस बैठक में वित्त मंत्रालय ने ‘पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर बाढ़ के प्रभाव का प्रारंभिक आकलन’ टाइटल से एक रिपोर्ट पेश की। वित्त मंत्रालय की शुरूआती मूल्यांकन रिपोर्ट में बाढ़ के कारण आर्थिक नुकसान लगभग 18 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया था।

30 फीसदी के पार जा सकती है महंगाई दर
प्रारंभिक मूल्यांकन रिपोर्ट बनाने में शामिल वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, अगर घाटा बढ़कर 40 अरब डॉलर हो जाता है, तो इसका मतलब है कि इस साल पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि नकारात्मक हो सकती है। साथ ही सप्लाई चेन में बाधाओं की वजह से महंगाई 30 फीसदी को पार कर सकती है।

बाढ़ से प्रभावित हैं 3.3 करोड़ लोग
पाकिस्तान में बाढ़ से 3.3 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जिन्हें तत्काल सहायता की जरूरत है। सरकार को डर है कि 1.2 करोड़ और लोग गरीबी में चले जाएंगे। ऐसे में पाकिस्तान को तत्काल और बड़ी वैश्विक वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में 90 लाख से 1.2 करोड़ और लोग गरीबी रेखा से नीचे आ जाएंगे और 10 लाख से 20 लाख लोग अपनी नौकरी खो चुके हैं। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में 77.7 फीसदी अनौपचारिक श्रम महिलाओं का है, जिसमें 10 में से छह युवा महिलाएं कृषि क्षेत्र में केंद्रित हैं।

Latest articles

कलेक्टर ने की जनसुनवाई में 150 आवेदनों पर सुनवाई, कई समस्याओं का मौके पर निराकरण

भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन में आयोजित जनसुनवाई में मंगलवार को जिलेभर से...

ऋण जमा करने की तिथि बढ़ाएं सरकार, वरना होगा उग्र आंदोलन: किसान कांग्रेस का अल्टीमेटम

भोपाल किसान कांग्रेस भोपाल ग्रामीण ने किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा...

जनता की सेवा और क्षेत्र का विकास ही हमारा मूलमंत्र — राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने मंगलवार को...

राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 जारी, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई दिशा

जयपुर। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘‘राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’’ जारी कर तकनीकी...

More like this

इराक से अमेरिकी और नाटो (NATO) सेना की ‘घर वापसी’! क्या ईरान के डर से खाली किए गए सैन्य ठिकाने?

मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया के...

असम में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भरी हुंकार

विधानसभा चुनाव में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार...