1.7 C
London
Saturday, March 14, 2026
Homeहेल्थस्टडी का दावा- सेहत के लिए खतरनाक है शुगर फ्री टैबलेट, ज्यादा...

स्टडी का दावा- सेहत के लिए खतरनाक है शुगर फ्री टैबलेट, ज्यादा सेवन से दिल, दिमाग की बीमारी का खतरा

Published on

नई दिल्ली

आर्टिफिशियल स्वीटनर का लंबे समय तक प्रयोग ब्रेन स्ट्रोक और कार्डियोवस्कुलर बीमारी का शिकार बना सकता है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में छपी एक रिपोर्ट में ऐसा दावा किया गया है। लगभग एक लाख वयस्क लोगों पर की गई 9 साल तक की फॉलोअप स्टडी के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया है। अपने देश में भी इसके प्रयोग का चलन है। रिपोर्ट में बताया गया है कि आज के दौर में बेवरेजेज, कई स्नैक्स, टेबल टॉप स्वीटनर, डेयरी प्रॉडक्ट्स सहित पूरी दुनिया में 23 हजार से ज्यादा प्रॉडक्ट्स में इसका इस्तेमाल हो रहा है।

शुगर फ्री कितनी शुगर फ्री?
दिल्ली के जाने-माने डायबिटीज एक्सपर्ट डॉक्टर ए. के. झिंगन ने कहा कि कृत्रिम स्वीटनर का बड़ा बाजार फल-फूल रहा है, जबकि कोई ऐसी शुगर नहीं है जो कैलोरी फ्री हो। ऐसे में फ्रांस में हुई यह स्टडी बता रहा है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर के प्रयोग से ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कुल 1,03,388 मरीजों पर की गई है। बहुत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए हैं। 9 सालों तक इसका फॉलोअप किया गया है। मरीजों के 24 घंटे खानपान की रिपोर्ट के बाद यह पता लगाया गया है।

हार्ट डिजीज और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा
डॉक्टर ने कहा कि रिपोर्ट में दावा किया है कि ऐसे लोगों में हार्ट डिजीज का 9 पर्सेंट ज्यादा खतरा पाया गया, जबकि 18 पर्सेंट में ब्रेन स्ट्रोक का ज्यादा खतरा मिला। रिपोर्ट के निष्कर्ष में बताया गया है कि जिन तीन सॉल्ट के आधार पर आर्टिफिशियल स्वीटनर बनाई जाती है, तीनों में ही हार्ट व ब्रेन की बीमारी का खतरा मिला है। रिपोर्ट में भी यह सलाह दी गई है कि इसे फिर से आकलन किया जाए। डॉक्टर झिंगन ने भी कहा कि निष्कर्ष चौंकाने वाले हैं, लेकिन इसको हल्के में नहीं लेना चाहिए। भारत जैसे देश में जहां करोड़ों में डायबीटीज के मरीज हैं और इसका प्रयोग बढ़ता जा रहा है, उसके लिए यह स्टडी और भी अहम है।

कुदरती विकल्प हैं बेहतर
डॉक्टर झिंगन ने कहा कि हमारी कोशिश होनी चाहिए कि ऊपर से मीठा खाने के लिए आर्टिफिशियल स्वीटनर के बजाए शहद का इस्तेमाल करें। यह कुदरती और बेहतर विकल्प है। इसके अलावा स्टीविया का प्रयोग कर सकते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट होता है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल स्वीटनर के प्रयोग से जितना बचें, उतना बेहतर होगा। अभी तक इस पर बातें होती थीं, लेकिन पहली बार इतनी बड़ी रिपोर्ट के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है।

 

Latest articles

महिला समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार, सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि महिला शक्ति न केवल परिवार, बल्कि समाज...

बीएचईएल में गूंजा मजदूर-किसान एकता का नारा, नुक्कड़ नाटक से नए श्रम कानूनों का विरोध

भोपाल बीएचईएल  गेट क्रमांक 5 पर आज मजदूर-किसान एकता का नया जोश देखने को मिला।...

लाड़ली बहनों के खातों में पहुंचे 1836 करोड़, सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी 122 करोड़ की सौगात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की सवा करोड़ लाड़ली बहनों को बड़ी सौगात...

ईरान-इजराइल युद्ध की आंच: देशभर में एलपीजी के लिए हाहाकार, 2 हजार का सिलेंडर 4 हजार में

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग की चिंगारी अब भारत के आम जनजीवन...

More like this

भीषण सड़क हादसा बस की टक्कर से बाइक सवार दंपती की मौत

भोपाल बैरसिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार दंपती को...

अयोध्या नगर में एलएलबी की छात्रा ने फांसी लगाकर की खुदकुशी

भोपाल अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में रहने वाली कानून (एलएलबी) की एक छात्रा ने देर...

लाइसेंस नवीनीकरण नहीं कराने पर 6 निजी अस्पतालों को नोटिस — 31 मार्च के बाद संचालित पाए जाने पर होगी कार्रवाई

भोपाल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय ने लाइसेंस और पंजीयन का नवीनीकरण नहीं...