जयपुर
राजस्थान के मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए इस वक्त जबरदस्त खींचतान चल रही है. शाम 7 बजे तय की गई कांग्रेस विधायकों की बैठक अब रद्द हो चुकी है. इस बीच गहलोत समर्थक 82 विधायकों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है. ये विधायक कुछ देर पहले कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल के घर जमा हुए. यहां पर इन विधायकों से इस्तीफा लिया गया. अब ये इस्तीफा स्पीकर को सौंपा जाएगा.
हालांकि, कांग्रेस नेता प्रताप खाचरियावास ने कहा है कि हमारी मीटिंग हो गई है. हमारे साथ 92 विधायक हैं, जिन्होंने इस्तीफा दे दिया है. इन विधायकों का कहना है कि नए सीएम के चयन में उनकी राय नहीं ली गई है. इससे वे बेहद नाराज हैं. सूत्रों के मुताबिक इस बीच कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अशोक गहलोत को फोन किया और स्थिति संभालने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने कहा कि अब उनके बस में कुछ नहीं है.
गहलोत के इस रुख से पार्टी हाईकमान बेहद हैरान है। सूत्रों के मुताबिक, अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के कहने पर केसी वेणुगोपाल ने गहलोत को फोन किया है और उनसे पूछा गया कि जयपुर में क्या चल रहा है? बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने हाथ खड़े कर दिए और कहा कि उनके बस में कुछ नहीं है। उन्होंने कहा है कि यह विधायकों का निजी फैसला है और इसमें उनका कोई हाथ नहीं।
बता दें कि वर्तमान सीएम अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ने जा रहे हैं, ऐसे में उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़ना है. अब सचिन पायलट को सीएम बनाए जाने की उम्मीद सबसे ज्यादा है. लेकिन कांग्रेस के लिए ये फैसला इतना आसान नहीं होने वाला है. गहलोत गुट के विधायक पायलट को सीएम बनाने का विरोध कर रहे हैं.
Live Updates :
– राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने फोन पर बात की.
– राजस्थान के घमासान के बीच आलाकमान एक्शन में आ गया है. आलाकमान की तरफ से खड़गे को संदेश दिया गया है कि चाहे सारी रात बैठना पड़े, लेकिन मसला आज ही सुलझा लें. कांग्रेस नेतृत्व का संदेश है कि खड़गे और माकन एक-एक विधायक से बात करें. एक लाइन में प्रस्ताव पेश करें.
– सूत्रों के मुताबिक अजय माकन, मल्लिकार्जुन खड़गे, सचिन पायलट और रघु शर्मा सीएम अशोक गहलोत से मुलाकात करने सीएम हाउस पहुंचे हैं.
– इस्तीफा देने वाले 82 विधायकों ने स्पीकर सीपी जोशी को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है.
– प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा है कि 10-15 विधायकों (पायलट समर्थकों) की सुनवाई हो रही है, जबकि अन्य विधायकों (गहलोत समर्थकों) की उपेक्षा हो रही है.
– केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गजेंद्र सिंह शेखावत ने ट्वीट कर कहा है कि बाड़ेबंदी की सरकार, एक बार फिर बाड़े में जाने को तैयार है.
– सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अशोक गहलोत को फोन कर स्थिति को संभालने को कहा है. लेकिन गहलोत ने कहा कि मेरे बस में कुछ नहीं है.
– राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा है कि राजस्थान के संबंध में गठजोड़ को निभाने में ना हमने कोई कसर छोड़ी है और ना ही आज उसमें कोई परिवर्तन होगा. अगर कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव बाद कोई नया समीकरण बनता है तो राज्य में मुख्यमंत्री पद का फैसला भी कांग्रेस को लेना होगा.
– राजस्थान कांग्रेस में उठापटक के बीच आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा का बयान- कांग्रेस खत्म है, केजरीवाल विकल्प है.
– गहलोत समर्थक विधायक बस में बैठकर स्पीकर सीपी जोशी के घर जा रहे हैं. यहां विधायक अपना सामूहिक इस्तीफा स्पीकर को सौंपेंगे.
– गहलोत खेमे के विधायकों का कहना है कि बैठक अब नहीं होगी. उनकी मुलाकात हो चुकी है. 82 विधायकों ने इस्तीफा धारीवाल के आवास पर दिया है. इसे स्पीकर को सौंपा जाएगा. बता दें कि राजस्थान में कांग्रेस के 107 विधायक हैं.
– गहलोत गुट के विधायकों ने राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के सामने भी नाराजगी जताई, उन्होंने कहा कि आलाकमान हमारी बात नहीं सुनेगा तो हम सामूहिक इस्तीफा दे देंगे.
– विधायक शांति धारीवाल के घर से एक बस विधायकों को लेकर निकली है. धारीवाल के आवास पर इस्तीफा सौंपकर विधायक सीपी जोशी के घर की तरफ जा रहे हैं.
– प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि सभी विधायक गुस्से में हैं और इस्तीफा दे रहे हैं. हम इसके लिए पार्टी अध्यक्ष के पास जा रहे हैं. विधायक इस बात से खफा हैं कि सीएम अशोक गहलोत उनसे सलाह किए बिना फैसला कैसे ले सकते हैं.
– बैठक से पहले राजस्थान की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक सचिन पायलट की सीएम दावेदारी के विरोध में कांग्रेस के 82 विधायक इस्तीफा दे सकते हैं.
– विधायक दल की बैठक से पहले गहलोत ने कहा है कि ऐसी अफवाह फैलाई गई कि मैं CM पद नहीं छोड़ना चाहता, जबकि मैं तो 9 अगस्त को ही इस पर अपनी राय स्पष्ट कर चुका हूं.
– कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल के आवास के बाहर एक बस पहुंची. यहां कांग्रेस के विधायक मौजूद हैं.
– सचिन पायलट बैठक में शामिल होने के लिए अपने आवास से निकल चुके हैं.
– राजेंद्र गुड़ा ने कहा है कि अगर सभी 101 विधायक भी बैठक में शामिल नहीं होते हैं तो क्या सरकार बहुमत नहीं खोएगी. मैं इस बैठक में शामिल नहीं हो रहा हूं. मेरे घर में कुछ विधायक हैं.
– कांग्रेस विधायकों की बैठक में कुछ देरी हो रही है. फिलहाल सीएम अशोक गहलोत आलाकमान के द्वारा नियुक्त किए गए पर्यवेक्षकों से मुलाकात कर रहे हैं.
– पर्यवेक्षकों से मुलाकात करने पहुंचे अशोक गहलोत. कांग्रेस ने बैठक में शामिल होने के लिए अजय माकन के साथ मल्लिकार्जुन खड़गे को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.
– बसपा छोड़कर कांग्रेस में आए मंत्री राजेंद्र गुड़ा ने कहा है कि निर्दलीय विधायक तो कुछ भी कह सकते हैं. लेकिन वे पार्टी आलाकमान के साथ हैं.
– तनोट माता मंदिर में दर्शन करने पहुंचे राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने नए सीएम के सवाल पर कहा कि नई पीढ़ी को मौका मिलना चाहिए, लेकिन ऐसे चेहरे के नेतृत्व में अगला विधानसभा चुनाव लड़ना चाहिए ,जो राजस्थान में आगामी चुनावो में जीत दिला सके।
अशोक गहलोत के समर्थकों ने अभी से बगावती सुर दिखाने शुरू कर दिए हैं. बैठक से पहले कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा है कि विधायकों ने अशोक गहलोत को ही अपना नेता माना है. इससे पहले निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने गहलोत को ही सीएम बनाए रखने की मांग की. उन्होंने कहा है कि अगर विधायकों की इच्छा के आधार पर ही मुख्यमंत्री का चयन होता है तो सरकार ठीक तरह से चलती रहेगी. अगर ऐसा नहीं होता है तो सरकार गिरने का खतरा है.
लोकदल कोटे से राज्यमंत्री और गहलोत के करीबी डॉ. सुभाष गर्ग ने पायलट का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा. गर्ग ने कहा, ‘जिन लोगों (पायलट) ने 2 साल पहले सरकार गिराने की कोशिश की, उन्हें प्रदेश की कमान सौंपने की तैयारी की जा रही है. इससे पार्टी और सरकार दोनों कमजोर हो सकते हैं.’
सहयोगी दलों से भी पूछा जाना चाहिए
गर्ग ने आगे कहा, ‘जिन 102 विधायकों ने सरकार बचाई थी, उनका क्या? कांग्रेस को उनकी भावनाओं का भी खयाल रखना चाहिए, जो दो महीने तक घर छोड़कर होटलों में बाड़ेबंदी के अंदर रहे. हमने सरकार बनाने में सहयोग किया. सहयोगी दलों से पूछा जाना चाहिए कि आगे सरकार कैसे बचेगी.’
सीएम पद छोड़ने पर गहलोत का स्टैंड?
राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने सीएम पद छोड़ने को लेकर कहा है कि वे कहां रहेंगे ये वक्त ही तय करेगा. लेकिन वे राजस्थान छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं. गहलोत ने कहा कि उन्होंने 9 अगस्त को सोनिया गांधी से इस्तीफे की पेशकश की थी. मुझे कांग्रेस ने बहुत कुछ दिया. अब नई पीढ़ी को मौका मिलना चाहिए. हालांकि, नए सीएम के नाम पर उन्होंने कहा कि यह विधायक दल की बैठक में ही तय होगा.
दिल्ली से भेजे गए पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन की मौजूदगी में आज शाम गहलोत के आवास पर विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। बताया जा रहा है कि विधायकों को इसमें एक प्रस्ताव पास करने को कहा जाने वाला था कि नए मुख्यमंत्री के चुनाव के लिए हाईकमान को अधिकृत किया जाता है। गहलोत गुट को इस बात की आशंका है कि हाईकमान सचिन पायलट को सत्ता सौंपने जा रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच कड़वाट किसी से छिपी नहीं है। 2018 की बगावत के बाद से ही गहलोत को पायलट खटकते रहे हैं।

