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कश्मीर में DG एचके लोहिया को मारने वाला यासिर अहमद क्या सीक्रेट मिशन पर था?

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नई दिल्ली

जम्मू-कश्मीर में डीजी जेल एच के लोहिया की हत्या ने पूरे राज्य की मशीनरी को हिलाकर रख दिया है। लश्कर-ए-तैयबा का संगठन टीआरएफ ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली है। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल इस घटना को आतंकी घटना नहीं माना है। इस वारदात का मुख्य आरोपी नौकर यासिर अहमद है। पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगातार तलाशी कर रही है। पुलिस ने बताया कि यासिर व्यवहार में काफी आक्रामक था। हालांकि, मृतक डीजी अपने नौकर पर काफी भरोसा करते थे। लेकिन अब बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या यासिर डीजी लोहिया के साथ किसी सीक्रेट मिशन पर था। क्या ये आतंकी घटना है?

क्या सीक्रेट मिशन पर था यासिर?
बताया जा रहा है कि लोहिया यासिर पर काफी भरोसा करते थे। जम्मू में पोस्टेड लोहिया श्रीनगर में अपने दोस्त राजीव खजूरिया के घर आए थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर बहस हो गई और इसके बाद यासिर ने लोहिया की हत्या कर दी। इस घटना के बाद यासिर नीचे आया और बाहर चला गया। बाहर जाते वक्त जब एक दूसरे नौकर ने उससे पूछा तो यासिर ने कहा कि साहब सो रहे हैं। हालांकि, जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है उससे सवाल कई उठ रहे हैं। डीजी की हत्या की जिम्मेदारी आतंकी संगठन TRF ने ली है। तो क्या यासिर किसी मिशन पर था। क्या वह किसी आंतकी संगठन से जुड़ा था। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की जांच में जुटी है। 22 साल का यासिर अभी फरार है। यासिर कश्मीर के रामबन का रहने वाला था। इस जगह को जम्मू और श्रीनगर का गेटवे भी कहा जाता है।

पुलिस अभी आतंकी एंगल से कर रही है इनकार
जम्मू के एडीजीपी मुकेश सिंह ने हालांकि डीजी की हत्या के पीछे अभी किसी आतंकी एंगल से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में फिलहाल इस घटना का आतंकी एंगल नहीं दिख रहा है। हालांकि, किसी भी आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस घटना का मुख्य आरोपी नौकर यासिर अहमद है। शुरुआती जांच में पता चला है कि वह काफी आक्रामक था और सूत्रों के अनुसार वह डिप्रेशन में था।

TRF की जिम्मेदारी लेने के पीछे क्या चाल?
अब बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि पुलिस भले ही इसमें आतंकी एंगल से इनकार कर रही हो लेकिन टीआरएफ के दावे से सवाल तो उठ ही रहे हैं। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का टीआरएफ ने शाह के दौरे से पहले एक लेटर जारी कर कहा था कि ये गिफ्ट है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यासिर किसी आतंकी संगठन का गुर्गा था? पुलिस अभी पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है हो सकता है कि इस हत्या का कुछ दिन में पूरा खुलासा हो जाए। एडीजीपी सिंह ने कहा कि यासिर अभी फरार है। हत्या में इस्तेमाल हथियार जब्त कर लिया गया है। आरोपी का एक डायरी भी मिला है, जिससे उसकी मानसिक हालत का पता चल रहा है। आगे की जांच जारी है।

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