तिरुअनंतपुरम,
इंसान और जानवर के बीच दोस्ती और दुश्मनी की कहानी सदियों पुरानी है. इसी तरह केरल में इन दिनों इंसान और जानवर के बीच एक अजीब सी जंग छिड़ गई है. इंसान ये जंग उस जानवर के साथ लड़ रहा है, जिसकी वफादारी की मिसालें दी जाती हैं. केरल में कुछ कुत्तों ने इंसानों पर हमले किए, अब बदला लेने के लिए कहीं कुत्तों को गोली मारी जा रही है तो कहीं चौराहे पर उन्हें फांसी दी जा रही है.
8 सितंबर 2022, सुबह 10 बजे, कन्नूर – केरल
गली में एक बच्चा साइकिल से घूम रहा है, जबकि दो लडके पैदल ही आगे बढ रहे हैं. वो कुछ दूर जाते हैं और फिर बांयी ओर मुड जाते हैं. लेकिन अगले ही पल सीसीटीवी कैमरे में जो कुछ कैद होता है, वो बेहद डरावना है. दोनों लड़के सिर पर पांव रख कर वापस अपने घर की ओर दौड़ते हुए दिखाई देते और अगले ही पल खतरनाक कुत्तों का एक झुंड उनका पीछा करता हुआ दिखता है. दोनों लड़के भागते हुए किसी तरह गेट के अंदर घुसने में कामयाब हो जाते हैं. और किसी तरह घर का गेट बंद कर देते हैं. तब कुत्तों का झुंड भी वापस लौट जाता है. कुत्तों का शोर सुन कर आस-पास के लोग इकट्ठा हो जाते हैं और फिर कुत्तों के हमले से बच्चों के बच जाने पर राहत की सांस लेते हैं.
11 सितंबर 2022, 3 बजकर 15 मिनट, केरल – कोझीकोट
घर के बाहर बच्चे खेल रहे हैं. एक बच्चा साइकिल पर राउंड लगा रहा है. तभी अचानक एक कुत्ता बिजली की तेज़ी से उस बच्चे की तरफ लपकता है और इससे पहले कि बच्चा कुछ समझ पाता सीधे उस पर छलांग लगा कर उसे साइकिल से नीचे गिरा देता है. घबराया बच्चा अब कु्ते से बचने की कोशिश करने लगता है, लेकिन उससे संभलने का मौका तक नहीं मिलता और कुता उसे बुरी तरह काटने लगता है. उसकी नन्हीं-नन्हीं बांह पर पर अपने नुकीले दांत गड़ा देता है. और जब तक बच्चे की चीख-पुकार सुन कर घर के लोग बाहर निकलते हैं, कुता बच्चे को छोड़ कर भाग निकलता है.
17 सितंबर 2022, दोपहर 2 बजकर 50 मिनट, कोट्टयम – केरल
वहां तो एक लावारिस कुत्ता घर में ही घुस आया. और एक लड़की पर बुरी तरह हमला करता है. उसे नोंचता है. उछल-उछल कर काटता है. लड़की शोर मचाती है, कुत्ते को मारती है. उससे बचने की कोशिश करती है, मगर कोई फायदा नहीं होता. और आखिरकार लड़की को जख्मी करने के बाद कुत्ता घर से बाहर निकल जाता है.
तस्वीर का दूसरा पहलू
कुत्तों के हमले से बौखलाए केरल के लोगों ने अब कुत्तों की लाशें बिछाने की शुरुआत कर दी हैं. कहीं कुत्तों को गोली से उड़ाया जा रहा है. कहीं बीच चौराहे पर उन्हें फांसी दी जा रही है. कहीं जहरीली मिठाइयों से उनकी लाशों के ढेर लगाई जा रहे हैं. दूसरे लफ्ज़ों में कहें तो कभी इंसान का सबसे पुराना और वफादार दोस्त समझे जानेवाले कुते अब केरल में इंसानों के दुश्मन नंबर वन बन चुके हैं. और सर्वावाइवल की इस लड़ाई में इंसान कुत्तों पर भारी पड़ रहे हैं. शहर-शहर गली-गली जहां भी कुते दिखाई दे जाते हैं, इंसान उन्हें मिटाने पर आमादा हो जाता है. और ये मामले राज्य के किसी एक हिस्से के नहीं, बल्कि तकरीबन पूरे केरल के हैं. उस केरल के, जिसे दुनिया गॉड्स ओन कंट्री यानी ईश्वर के अपने देश के तौर पर जानती है.
केरल की नई मुसीबत
एंटी क्लाइमेक्स की सबसे चौंकानेवाली तस्वीर केरल के कासरगोड की हैं. सफेद लूंगी, टी शर्ट, सिर पर टोपी और हाथ में एयर गन लिए एक शख्स यहां बच्चों के आगे आगे चल रहा हैं. जबकि पीछे डरे सहमे बच्चे एक दूसरे का सहारा लेकर आगे बढ़ रहे हैं. और यहां भी वजह वही है. राज्य के दूसरे हिस्सों की तरह यहां भी आवारा कुत्तों के हमले से केरल के लोग और खास कर बच्चे इतने सहमे हुए हैं कि वो घर से निकलना ही नहीं चाहते. ऐसे में इन बच्चों को नजदीकी मदरसे तक पहुंचाने का इस शख्स को बस यही तरीका समझ में आया है. केरल के कासरगोड से आए इस वीडियो के बाद अब प्रशासन ने इस शख्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. लेकिन केरल की इन अलग-अलग तस्वीरों में वहां पैदा हुई इस नई मुसीबत की झलक साफ देखी जा सकती है.
केरल में हैं लाखों कुत्ते
अब इस हालात के लिए कुत्तों को जिम्मेदार ठहराया जाए या इंसानों को. इसका फैसला तो हम आप पर छोड़ते हैं, लेकिन इतना ज़रूर है कि कुत्तों से निपटने में इंसान इस हद तक आगे निकल जाएगा, ये सोचना ज़रा अजीब लगता है. केरल में कुत्तों के इंसानों का और इंसानों के कुत्तों का दुश्मन बन जाने का ये मामला कितना गंभीर है, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पूरे केरल में करीब 2 लाख 90 हज़ार आवारा कुते हैं. आवारा कुत्तों की संख्या की बात करें, तो ये नंबर टॉप टेन राज्यों में भी नहीं आता.
महज 1 साल में करीब 2 लाख लोगों को कुत्तों ने काटा
इस साल अब तक 1 लाख 96 हजार से ज़्यादा लोगों को कुत्तों ने काट खाया है. जो पिछले साल के मुकाबले दुगने से भी ज्यादा है. राज्य में अब तक 21 लोगों की रेबीज़ से मौत हो चुकी है. रेबीज़ यानी वो बीमारी जो आम तौर पर कुत्तों या ऐसे ही किसी दूसरे जानवर के काटने से होती है. इसमें 12 साल की वो लड़की भी शामिल है, जिसने रेबीज़ ना होने के लिए वैक्सीन की तीन खुराक भी ली थी. ये केरल में कुत्तों के बढ़ते खौफ और उनकी वजह से पैदा हो रही मुसीबत की निशानी तो है ही, रेबीज़ के वैक्सीन और उसके असर पर भी एक बड़ा सवाल है.
सीएम ने लोगों को आगाह किया
जाहिर हैं खूंखार कुत्तों के हमले से हालात कुछ ऐसे पैदा हो गए हैं कि अब कुत्तों को काबू करने की सरकार की काबिलियत पर भी सवाल उठने लगे हैं. इसी बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने लोगों को आगाह किया है. उन्होंने कहा कि कुत्तों की परेशानी से निपटने के लिए लोगों को हिंसा का रास्ता छोड़ देना चाहिए. कुत्तों को मारना, उन्हें ज़हर देना, लटका देना, इस परेशानी का हल नहीं है. ऐसी हरकतें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. इस परेशानी से बचने के लिए सरकार ने आवारा कुत्तों के लिए वैक्सीनेशन ड्राइवर की शुरुआत कर दी है, जो 20 अक्टूबर तक चलेगी. जबकि कुत्ता पालकों से अपील है कि वो अपने कुत्तों को खुला ना छोडें और उनका रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं.
