कीव
रूस और यूक्रेन का युद्ध एक लंबी यात्रा तय कर चुका है। करीब आठ महीनों की इस लड़ाई में कभी यह जंग भविष्य जैसी लगी तो कभी दूसरे विश्व युद्ध जैसी। इस युद्ध से कई हैरतभरे वीडियो और तस्वीरें सामने आ चुके हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया जिसमें हवा में दो ड्रोन (UAVs) की टक्कर को देखा जा सकता है। कुछ साल पहले तक ड्रोन का इस्तेमाल सिर्फ शौकिया लोग करते थे। लेकिन अब इसे दुनियाभर में सेनाएं संघर्ष में मुख्य हथियार के रूप में इस्तेमाल करती हैं। यूक्रेन जहां तुर्की के टीबी-2 Bayraktar ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है, वहीं रूस ईरान के शहीद टाइप सुसाइड ड्रोन से लड़ रहा है।
द ड्राइव की खबर के अनुसार, इस वीडियो को कथित तौर पर यूक्रेनी सेना के एक ड्रोन, चीन में निर्मित डीजेआई माविक-टाइप क्वाडकॉप्टर, से रेकॉर्ड किया गया। लेकिन वीडियो से इसके बारे में और जानकारी नहीं मिल रही है। ड्रोन पर लगे कैमरे से दिखता है कि रूस (या रूस समर्थक) नियंत्रित क्वाडकॉप्टर कुछ दूरी पर उड़ रहा है जो यूक्रेनी ड्रोन के पास आता है और फिर उसमें टकरा जाता है। इस टक्कर में रूसी ड्रोन का कम से कम एक रोटर ब्लेड टूट जाता है और यह जमीन पर गिर जाता है।
WW1-style duel. Ukrainan Mavic-drone, which we have delivered to one of the airborne units in Donetsk region, destroyes russian opponent. Amazing!
Pls support our Armed Forces: https://t.co/nw19NpRIN6 pic.twitter.com/2vaCBQINQK— Serhiy Prytula (@serhiyprytula) October 13, 2022
‘ड्रोन बनाम ड्रोन’ का पहला मुकाबला
यह वीडियो पुराना है लेकिन कहा जा रहा है कि इसे पूर्वी यूक्रेन में डोनेट्स्क के ऊपर रेकॉर्ड किया गया। इस वीडियो के आधार पर यह कहना मुश्किल है कि नीचे गिरने वाला ड्रोन रूस का था लेकिन दो ड्रोन के बीच इस तरह की टक्कर जिसमें एक का टूटकर नीचे गिर जाना साधारण नहीं है। अब तक दुनिया की किसी लड़ाई से इस तरह दो ड्रोन की जंग का वीडियो सामने नहीं आया है। लिहाजा इसे ‘ड्रोन बनाम ड्रोन’ की दुनिया में पहली घटना माना जा रहा है।
रूस यूक्रेन का मुख्य हथियार बना ड्रोन
रूस-यूक्रेन युद्ध में दोनों ही पक्ष बड़े पैमाने पर ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। चाहें तोपों को निशाना बनाना हो या दुश्मन के रडार सिस्टम को नष्ट करना, जमीन पर हमले करने में ड्रोन बेहद कारगर साबित हो रहे हैं। युद्ध के शुरुआती दिनों में तुर्की के टीबी-2 ड्रोन ने रूसी टैंकों के काफिले को कीव की तरफ बढ़ने से रोक दिया था। यूक्रेन इनका इस्तेमाल कर रहा है। जबकि रूस के पास ईरान का शहीद-136 ड्रोन है जो टारगेट से टकराकर खुद को उड़ा लेता है और जोरदार धमाका करता है।
