8.8 C
London
Friday, March 27, 2026
Homeराष्ट्रीयबेमौत मारे गए 42 लाख लोग, बाल से भी पतले कण बने...

बेमौत मारे गए 42 लाख लोग, बाल से भी पतले कण बने वजह! चौंकाने वाली स्टडी

Published on

नई दिल्ली,

प्रदूषण ने दिल्ली-एनसीआर को बीते कुछ दिनों से हर साल की तरह परेशान किया हुआ है. ये सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है, यह पहले ही साफ हो चुका है लेकिन अब ताजा स्टडी ने और चिंता में डाल दिया है. प्रदूषण के छोटे कण जिनको पीएम 2.5 भी कहा जाता है उनके बारे में नई जानकारी सामने आई है. इसके मुताबिक, ये छोटे कण पहले लगाए गए अनुमान की तुलना में ज्यादा जानलेवा हैं और इसकी वजह से दुनियाभर में कुल मिलाकर 15 लाख और ज्यादा मौत हो रही हैं.

हवा-वातावरण में अलग-अलग तरह के कण पाए जाते हैं. इसमें मौजूद बड़े कणों को पीएम 10 कहा जाता है. यहां पीएम का मतलब Particulate matter होता है. पीएम 10 कण व्यास में 10 माइक्रोन से कम होते हैं. वहीं पीएम 2.5 व्यास में 2.5 माइक्रोमीटर से कम होते हैं. बता दें कि पीएम 2.5 के कण बहुत पतले होते हैं. इनको इंसानों के बालों से 25 से 100 गुना तक पतला बताया जाता है.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के ताजा अनुमान के मुताबिक, प्रदूषण के पीएम 2.5 कणों की वजह से दुनियाभर में हर साल 42 लाख लोग समय से पहले ही मारे जा रहे हैं. मतलब अगर प्रदूषण ने उनके शरीर को नुकसान ना पहुंचाया होता तो वे और जी सकते थे.

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, ताजा स्टडी journal Science Advances में प्रकाशित हुई है. इसके मुताबिक, PM2.5 की वजह से जान गंवा रहे लोगों का आंकड़ा पहले लगाए गए अनुमान से ज्यादा है. शोधकर्ताओं ने पाया है कि हवा में PM2.5 का स्तर कम भी हो तब भी मौत का खतरा कम नहीं होता. इससे पहले कम मात्रा को ‘संभावित घातक’ माना गया था.

जहर के समान हैं PM2.5 के कण, कैंसर जैसी बीमारियों की वजह
PM2.5 में मौजूद छोटे कणों को जहर जैसा माना गया है. इसकी वजह से दिल और सांस संबंधी बीमारियां हो सकती हैं. इसके साथ-साथ ये कैंसर की वजह भी बनता है. शोध में शामिल स्कॉट वीचेंथल ने बताया कि रिसर्च में पाया गया है कि PM2.5 कम स्तर पर भी जानलेवा है, जबकि पिछली स्टडी में इसको शामिल नहीं किया गया था. Scott Weichenthal कनाडा की McGill University में असोसिएट प्रोफेसर हैं और इस शोध का उन्होंने ही नेतृत्व किया है.

कैसे की गई रिसर्च?
शोधकर्ताओं ने कनाडा का पिछले 25 सालों का आंकड़ा जुटाया था. इसमें कनाडा के 70 लाख लोगों के स्वास्थ्य और मृत्यु दर डेटा शामिल था. इसमें देखा गया कि बीते 25 सालों में हवा में PM2.5 का स्तर कितना रहा है. बता दें कि कनाडा ऐसी जगह है जहां PM2.5 का स्तर काफी कम रहता है. कनाडा से मिली जानकारी को जुटाकर यह देखा गया कि PM2.5 का स्तर बदलने के साथ मृत्यु दर जोखिम कैसे बदलता है. इससे ही यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है.Live TV

Latest articles

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जोधपुर में रामनवमी शोभायात्रा में हुए शामिल — श्रीराम दरबार की पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को जोधपुर के घंटाघर क्षेत्र में आयोजित भव्य रामनवमी शोभायात्रा...

दादाजी धाम मंदिर में अष्टमी पर माँ महागौरी की भव्य महाआरती

भोपाल रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के प्रसिद्ध दादाजी धाम मंदिर में चैत्र नवरात्रि के...

भोपाल: निगम मुख्यालय पर मटका फोड़ प्रदर्शन; पानी के लिए तड़पे हिनोतिया आलम के रहवासी, एक महिला बेहोश

भोपाल राजधानी में गर्मी की दस्तक के साथ ही जल संकट गहराने लगा है। गुरुवार...

विद्यार्थियों ने प्रयोगशाला उपकरणों की कार्यप्रणाली का किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

सांची कॉलेज ऑफ नर्सिंग साइंस में बी.एससी. नर्सिंग प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा प्रयोगशाला...

More like this

दादाजी धाम मंदिर में अष्टमी पर माँ महागौरी की भव्य महाआरती

भोपाल रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के प्रसिद्ध दादाजी धाम मंदिर में चैत्र नवरात्रि के...