8.9 C
London
Sunday, March 29, 2026
Homeराष्ट्रीयनिशाना बनाए जाने के डर की वजह से जमानत देने से कतराते...

निशाना बनाए जाने के डर की वजह से जमानत देने से कतराते हैं जज: सीजेआई चंद्रचूड़

Published on

नई दिल्ली

भारत के चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने शनिवार को कहा कि जघन्य मामलों में जमानत देने के लिए टारगेट किए जाने के डर से जमीनी स्तर पर जज जमानत देने से हिचकते हैं। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के एक सम्मान समारोह में चीफ जस्टिस ने ये बात कही। इस मौके पर केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद थे।

निशाना बनाने के डर से जज नहीं देते जमानत- सीजेआई
कार्यक्रम में अपराधियों को जमानत देने के मुद्दे पर बात करते हुए चीफ जस्टिस ने कहा, ‘जमीनी स्तर पर जज जमानत नहीं देते। इस वजह से जमानत याचिकाओं की उच्च अदालतों में बाढ़ सी आ जाती है। ऐसा नहीं कि जमीनी स्तर पर जज अपराध को नहीं समझते। लेकिन वो जघन्य मामलों में जमानत देने के लिए निशाना बनाए जाने के डर की वजह से ऐसा करते हैं।

किरेन रिजिजू ने वकीलों के ट्रांसफर मुद्दे पर जताई चिंता
इस मौके पर केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद थे। उन्होंने तबादलों को लेकर सीजेआई से मिलने वाले कई वकीलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, मैंने सुना कि कुछ वकील ट्रांसफर मामले को लेकर सीजेआई से मिलना चाहते हैं। अब भले ही यह मुद्दा हो, लेकिन अगर आप अलग से देखें तो यह कई मुद्दों में एक मुद्दा हो। लेकिन अगर यह कॉलेजियम के हर फैसले, जिसका सरकार समर्थन करती रहती है, पर बार-बार होने वाली घटना हो जाए तो यह कहां ले जाएगी। ऐसे में, पूरा आयाम ही बदल जाएगा।’.

कौन हैं डी वाई चंद्रचूड़?
गौरतलब है कि जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनें। उनका कार्यकाल 10 नवंबर 2024 तक रहेगा। सीजेआई चंद्रचूड़ ने मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित का स्थान लिया जो 9 नवंबर को रिटायर हुए।

जस्टिस चंद्रचूड़ देश के प्रगतिशील और उदार न्यायाधीश के रूप में जाने जाते हैं। उन्हें नागरिकों के मौलिक अधिकारों के प्रति भी बहुत संवेदनशील माना जाता है और जस्टिस चंद्रचूड़ की सबसे बड़ी खासियत अपराधियों के प्रति उनके सख्त रवैये के लिए जानी जाती है। 11 नवंबर 1959 को जन्मे जस्टिस चंद्रचूड़ को 13 मई 2016 को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। वह 31 अक्टूबर, 2013 से सुप्रीम कोर्ट में अपनी नियुक्ति तक इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थे। वो 1998 में भारत के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल भी रह चुके हैं।

Latest articles

प्रशिक्षण से व्यक्तित्व का उत्कर्ष, राष्ट्र निर्माण की आधारशिला : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

प्रशिक्षण अभियान सशक्त भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है: प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल भोपाल:...

भोपाल में सूखे कचरे से बनेगा कोयला, आदमपुर छावनी में 220 करोड़ का चारकोल प्लांट शुरू

भोपाल राजधानी में अब सूखे कचरे से कोयला तैयार किया जाएगा। इसके लिए आदमपुर छावनी...

भंडारा खाकर लौट रहे युवक को बस ने कुचला, मौके पर मौत

भोपाल राजधानी के एमपी नगर इलाके में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। गायत्री...

एम्स भोपाल में जल्द शुरू होगी लंग ट्रांसप्लांट सुविधा, मरीजों को दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा

भोपाल एम्स भोपाल में जल्द ही फेफड़ा प्रत्यारोपण (लंग ट्रांसप्लांट) की सुविधा शुरू होने जा...

More like this

1 अप्रैल से जेब पर बढ़ेगा बोझ: नेशनल हाईवे पर सफर होगा 5 से 10% तक महंगा

आने वाली 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर सफर करना आपकी जेब पर भारी...

रामनवमी पर प्रदेशभर में धार्मिक आयोजन, मंदिरों में विशेष पूजा और भंडारे

भोपाल रामनवमी के पावन अवसर पर मप्र के विभिन्न शहरों में श्रद्धा और उत्साह के...

राजधानी में दो दिन में छह नाबालिग किशोरियां लापता, पुलिस ने शुरू की तलाश

भोपाल राजधानी में दो दिनों के भीतर शहर के अलग-अलग इलाकों से आधा दर्जन नाबालिग...