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Tuesday, March 31, 2026
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सुबह-शाम ठंड, दिन में गर्मी सताती है… मौसम की यह बेरुखी कब तक चलेगी?

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नई दिल्‍ली

दिसंबर का महीना और दिल्‍ली की सर्दी… बॉलिवुड ने तो इन्‍हें जोड़कर गाने तक बनाए हैं। हालांकि इस बार मौसम की चाल ने जनता के साथ-साथ वैज्ञानिकों भी कन्‍फ्यूज कर दिया है। दिसंबर में दो हफ्ते गुजर चुके हैं, मगर वैसी ठंड नहीं पड़ रही। दिन के वक्‍त अधिकतम तापमान 26-27 डिग्री के आसपास रह रहा है। मंगलवार को न्‍यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य है। दिन के वक्‍त तेज धूप निकल रही है जिससे सुबह गर्म कपड़े पहनकर निकलने वालों को परेशान होना पड़ता है। रात के वक्‍त भी वैसा कोहरा नहीं है, न उतनी गलन है। यह हाल केवल दिल्‍ली-एनसीआर में ही नहीं… उत्‍तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब में भी ऐसा ही मौसम है। शीतलहर के कोई संकेत नहीं है। मौसम की इस बेढंगी चाल पर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) भी सिर खुजा रहे हैं।

ठंड के मौसम में इतनी देरी क्‍यों?
मौसम विज्ञानी बताते हैं कि नवंबर-दिसंबर में अभी तक पश्चिमी विक्षोभ गायब रहे हैं। ठंड में देरी के पीछे यह भी एक फैक्‍टर है। हवाएं भी उतनी तेज नहीं चल रही हैं। न्‍यूज18 से बातचीत में IMD चीफ डॉ एम. मोहपात्रा ने कहा कि ‘ऐसा लगता है कि वेस्‍टर्न डिस्‍टरबेंस की फ्रीक्‍वेंसी और इंटेंसिटी इस बार उतनी तेज नहीं रहेगी।’ वेस्‍टर्न डिस्‍टरबेंस ऐसे सिस्‍टम होते हैं जो उत्‍तर भारत में सर्दी के आने का संकेत देते हैं।

बारिश वाले ये तूफान मेडेटेरेनियन सी में बनते हैं और फिर पूर्व की ओर बढ़ते हुए हिमालय पर असर डालते हैं। इन्‍हीं के चलते पहाड़ी राज्‍यों में बर्फबारी होती है। नवंबर से फरवरी के बीच उत्‍तर भारत में बारिश के पीछे भी यही जिम्‍मेदार होते हैं। इन्‍हीं के चलते ठंड बढ़ती है। डेढ़-दो महीने से बारिश नहीं हुई और साफ आसमान के चलते सूरज की किरणें सीधे धरातल तक पहुंच रही हैं। नतीजा जमीन गर्म होती है, वातावरण में गर्मी बढ़ती है तापमान में गिरावट थम जाती है।

दिल्‍ली के मौसम का 7 दिनी पूर्वानुमान
दिसंबर में इतनी कम सर्दी पड़ना असामान्‍य तो नहीं है। मौसम में इतना उतार-चढ़ाव पूरे साल रहता है। यह ला नीना वाला साल है और ऐसे में ठंड ज्‍यादा पड़नी चाहिए लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। IMD का पूर्वानुमान है कि मैदानी इलाकों तक ठंड पहुंचने में अभी वक्‍त लगेगा। ऊंचे पर्वतीय इलाकों में थोड़ी-बहुत बर्फबारी हुई है, लेकिन बाकी इलाके सूखे हैं। पहाड़ों पर बर्फबारी तेज होने से मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ती है। अगले कुछ दिनों में तापमान में 3-4 डिग्री की गिरावट के आसार जरूर हैं लेकिन ठंड कितनी बढ़ेगी, यह कहना मुश्किल है।

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