नई दिल्ली
देश में टैक्स कलेक्शन में तेजी आई है। ग्रॉस टैक्स कलेक्शन चालू वित्त वर्ष 2022-23 में अब तक करीब 26 फीसदी बढ़कर 13.63 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। इस इजाफे में टीडीएस (TDS) कटौती और कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन के बेहतर प्रदर्शन का विशेष योगदान रहा है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में अब तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 11.35 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें व्यक्तिगत और कॉरपोरेट टैक्स शामिल है।
डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 25.90 फीसदी का इजाफा
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 17 दिसंबर तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन की राशि 11,35,745 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की समान अवधि में 9,47,959 करोड़ रुपये थी। इसका मतलब सालाना आधार पर डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 19.81 फीसदी का इजाफा हुआ है। वहीं, ग्रॉस डायरेक्ट कलेक्शन 13,63,649 करोड़ रुपये रहा, जो समान अवधि में पिछले साल 10,83,150 करोड़ रुपये रहा। इसका मतलब है कि सालाना आधार पर डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 25.90 फीसदी का इजाफा हुआ है।
मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान 2,27,896 करोड़ रुपये का रिफंड भी जारी किया गया है। नेट डायरेक्ट कलेक्शन 11.32 लाख करोड़ में कॉरपोरेशन टैक्स 6,06,679 करोड़ रुपये और पर्सनल इनकम टैक्स 5,26,477 करोड़ रुपये हैं।
बजट में इस वित्त वर्ष में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का अनुमान 14.20 लाख करोड़ रुपये लगाया गया था, जो कि पिछले वित्त 2021-22 के 14.10 लाख रुपये से ज्यादा था। वहीं, दूसरी तरफ वित्त वर्ष 2022-23 की पहली, दूसरी और तीसरी तिमाही के लिए एडवांस टैक्स कलेक्शन 5,21,302 करोड़ रुपये रहा है, जो कि पिछली अवधि से 12.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
सीबीडीटी ने आगे कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान दाखिल आयकर रिटर्न फाइल करने की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, लगभग 96.5 प्रतिशत विधिवत सत्यापित आईटीआर 17 दिसंबर तक संसाधित किए जा चुके हैं। इसके परिणामस्वरूप चालू वित्त वर्ष में जारी किए गए रिफंड की संख्या में लगभग 109% की वृद्धि के साथ रिफंड को तेजी से जारी किया गया है। पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान जारी किए गए 1,35,191 करोड़ रुपये के रिफंड के मुकाबले इस वर्ष अब तक कुल 2,27,896 करोड़ रिफंड जारी किए गए हैं।
