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Wednesday, June 17, 2026
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सेना जितनी मजबूत, मोदी सरकार उतनी ही कमजोर, ओवैसी बोले- संसद में चर्चा होनी बेहद जरूरी

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नई दिल्ली

अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प के मुद्दे पर विपक्ष नरेंद्र मोदी सरकार पर हमलावर है। जहां कांग्रेस इस मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग कर रही है तो वहीं सरकार का कहना है कि इसपर चर्चा की कोई जरूरत नहीं है। इस बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हमारी सेना जितनी मजबूत है, उतनी है सरकार कमजोर है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को गुमराह कर रहे हैं:
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “पीएम ने यह कहकर देश को गुमराह किया कि हमारे क्षेत्र में कोई नहीं आया है। ऐसी सैटेलाइट तस्वीरें हैं जिनसे पता चलता है कि चीनी सैनिकों ने डेपसांग और डेमचोक पर कब्जा कर लिया है। वे हमारी जमीन हड़पते रहेंगे फिर भी उनके साथ कोराबार में असंतुलन जारी है, इसके लिए सरकार क्या कर रही है?”

उन्होंने कहा कि हमारी फौज बहादुर है मगर हमारी सरकार चीन के मामले में कमजोर है। सरकार इस मुद्दे पर संसद में बहस क्यों नहीं कराती? हमारा चीन के साथ जो व्यापार में असंतुलन है उसके लिए सरकार क्या कर रही है? वह टिकटॉक बैन कर रही है लेकिन सरकार चीन का नाम नहीं ले रही है।

ओवैसी ने कहा, “सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए या संसद में बहस करनी चाहिए और हमें बताना चाहिए कि वे चीन पर क्या निर्णय ले रहे हैं। यदि सरकार राजनीतिक नेतृत्व दिखाती है तो पूरा देश उनका समर्थन करेगा। सेना बहुत शक्तिशाली है लेकिन सरकार बहुत कमजोर है और चीन से डरती है।”

कांग्रेस ने भी घेरा:
वहीं जहां ओवैसी ने तवांग झड़प मामले में केंद्र सरकार को घेरा तो कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ने अलवर में कहा, “हम चीन के आक्रमण पर चर्चा चाहते हैं लेकिन वह (सरकार) चर्चा के लिए तैयार नहीं है। वह बाहर शेर जैसी बात करते हैं लेकिन असल में वह चूहे की चाल चलते हैं। हम देश के साथ हैं लेकिन सरकार जानकारी छुपा रही है।”

तवांग झड़प मामला:
सेना की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि अरुणाचल प्रदेश में 9 दिसंबर 2022 की सुबह लगभग 3 बजे पूर्वी तवांग में यांग्त्से के पास भारतीय सेना और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। इस झड़प में LAC के पास एक नाले के दोनों तरफ लगभग 300 चीनी सैनिक भारतीय पक्ष में आ गए। दोनों तरफ के सैनिकों के बीच लाठी और डंडों से संघर्ष हुआ।सेना ने कहा कि दोनों देशों के बीच 9 दिसंबर को हुई झड़प में चीनी सैनिक भारतीय चौकी को हटाना चाह रहे थे। जिसमें भारतीय सेना के जवानों ने उन्हें खदेड़ा। इस दौरान दोनों देशों के सैनिकों को हल्की चोटें आई। इस खबर के बाद विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमलावर है।

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