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तुम तो मेरी मां हो, तुम तो हैवान न बनो…मरने के बाद नवजात बच्चों का सवाल कौन है उनकी हत्या का जिम्मेदार?

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कहते हैं जब बच्चा मां के गर्भ में आता है तो मां उसी वक्त से उससे जुड़ने लगती है। दुनिया के लिए वो फीटस होता है लेकिन उस मां के लिए वो उसका बच्चा होता है। जब मां को बच्चे की पहली हार्ट बीट सुनाई जाती है तो वो उससे इस कदर जुड़ जाती है कि उसमें ही अपनी दुनिया ढुंढती है, लेकिन जब ऐसी खबरे सामने आती है कि एक मां ने नवजात बच्चे को मौत दे दी तो कानों को यकीन नहीं होता। नहीं मानता दिल कि मां भी कातिल हो सकती है, वो भी उस नवजात की जिसने बस अभी पूरी तरह से आंखे भी नहीं खोली। जो बस अभी-अभी खुद उसी मां के पेट से बाहर आया है, जो उसकी हत्या करने के लिए तैयार बैठी है।

नवजात बच्चों के कत्ल का दोषी कौन?
ये हमारे समाज की एक ऐसी भयानक तस्वीर है जहां किसको दोष दें और किसको नहीं ये समझ ही नहीं आता। एक लड़की छोटी उम्र में बिन ब्याही मां बन जाती है। बच्चा उसके पेट में होता है, लेकिन वो बच्चा उस अकेली लड़की की जिम्मेदारी नहीं हो सकता। वो लड़का भी उतना ही जिम्मेदार है, लेकिन लड़की के प्रेगनेंट होते ही लड़का अपना पीछा छुड़ा लेता है। अब सवाल ये है कि लड़की क्या करे? समाज की परवाह या फिर अपने बच्चे की? पिछले करीब तीन महीने में ही तीन अलग-अलग जगह से ऐसी खौफनाक वारदातें सामने आईं हैं जहां ऐसी लड़कियों ने बच्चों को पैदा करते ही बेरहमी से मार डाला। वजह साफ थी समाज का डर और खुद की जिम्मेदारी से भागना।

न्यू अशोक नगर, दिल्ली
9 जनवरी 2023
वो जोर-जोर से रो रहा था, उसे इंतजार था मां के कोमल स्पर्श का, उसे जरूरत मां की गर्म गोद की, लेकिन उस मां ने एक दिन के नवजात को अपनी गोद में उठाया और सीधा पांचवे फ्लोर से नीचे फेंक दिया। अब उसकी आवाज थम चुकी थी, उसी सांसे बंद हो गई थी। खून से लथपथ बच्चा चंद घंटो में ही मर चुका था और उसकी हत्यारन थी उसकी अपनी मां। दिल्ली में कल हुई इस घटना से दिल तोड़कर रख दिया हर किसी का। ये घटना थी न्यू अशोक नगर इलाके की। बताया जा रहा है कि लड़की बिन ब्याही मां बन गई थी इसलिए उसने बच्चे की जान ले ली। आरोपी लड़की नोएडा में एक प्राइवेट कंपनी में काम करती है।

शहडोल, मध्यप्रदेश
20 नवंबर 2022
12 क्लास की हॉस्टल में रहने वाली एक लड़की मां बन जाती है। वो हॉस्टल में ही चोरी छुपे बच्चे को जन्म देती है। एक दिन वो नवजात को अपने पास रखती है और फिर उसे टॉयलेट की सीट से पटक-पटककर मार डालती है। बच्चे की जब मौत हो जाती है तो वो उसकी लाश को पास ही झाड़ियों में फेंक देती है। बच्चे की लाश जब सामने आती है तो पता चलता है पूरा मामला। लड़की ने बताया समाज के डर से उसने ये हैवानियत भरा कदम उठाया। लड़की को गिरफ्तार कर लिया गया है, साथ ही उस लड़के को भी गिरफ्तार किया गया है जिसके साथ इस लड़की के संबंध थे।

सूरत, गुजरात
12 दिसंबर 2022
सुरत में भी कलंक के डर ने ली एक नवजात बच्चे की जान। यहां एक लड़की ने बच्चे को जन्म दिया और फिर उस बच्चे को बिल्डिंग से नीचे फेंक दिया। ये लड़की नाबालिग थी और इसकी उम्र महज 15 साल थी। 20 साल के एक लड़के के साथ इसके संबंध थे जिसके बाद ये प्रेगनेंट हो गई। पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से लड़की का पता लगाया।

हमीरपुर, उत्तरप्रदेश
25 दिसंबर 2022
यहां भी एक ऐसी ही दर्दनाक घटना सामने आई। लोगों ने एक नवजात बच्चे की लाश को नाली में देखा। बच्चे को कोई मोहल्ले की नाली में डाल गया था जहां ठंड की वजह से बच्चे की मौत हो गई। जिसने भी इस तस्वीर को देखा उसका दिल दहल गया, लेकिन जिसने इस बच्चे को यहां डाला, जिसने इस बच्चे को जन्म दिया उसे क्यों इसपर दया नहीं आई।

मासूम बच्चों के कत्ल का दोषी कौन?
ये सारी घटनाएं पिछले कुछ दिनों में ही हुई हैं। कई नवजात बच्चों की आंख खोलते ही हत्या कर दी गई। बेशक ज्यादातर मामलों में लड़की को या उस लड़के को जिसके साथ लड़की के संबंध थे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। सवाल ये है कि क्या सिर्फ वो लड़का या वो लड़की ही उस नवजात के कत्ल के लिए जिम्मेदार हैं। क्या अगर लड़की उस बच्चे को पालने का निर्णय लेती तो समाज उसे स्वीकार करता।

समाज का डर लेकिन क्यों?
इस मामले में हर कोई दोषी है सिवाय उस नवजात के, लेकिन बावजूद इसके उसे बिना कसूर के ही आंख खोलते ही मौत दे दी जाती है। ऐसे नवजात के जितने दोषी उसके बायलॉजिक माता-पिता है, उतना ही दोषी वो समाज भी जहां उसे नाजायज शब्द दिया जाता है। ऐसा समाज जिसे हम और आप बनाते हैं। वेस्ट्रन कल्चर को फॉलो करते हुए लड़के-लड़कियां लिव इन में तो रहने लगते हैं या फिर शारीरिक संबंध बनाते लगते हैं, लेकिन जब बच्चे की बात आती है तो अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए क्राइम करने से भी पीछे नहीं रहते। हमारे समाज में भी तेजी से वेस्टर्नाइजेशन बढ़ा है, लेकिन जब इस तरह के मामले आते हैं तो हमारा समाज रुढिवादी हो जाता है और सजा भुगतते हैं ऐसे मासूम।

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