भोपाल
मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित दो दिवसीय ‘युवा विधायक सम्मेलन’ के दूसरे दिन संसदीय गरिमा और राष्ट्र निर्माण के संकल्पों का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे राज्यसभा के माननीय उपसभापति श्री हरिवंश जी का भव्य अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर विशेष रूप से उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान ‘विकसित भारत 2047: युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां’ विषय पर केंद्रित विशेष सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों और अनुभवी नेताओं ने युवा जनप्रतिनिधियों के साथ अपने विचार साझा किए।
चर्चा के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी के युवा विधायकों के कंधों पर है। राज्यसभा उपसभापति श्री हरिवंश ने अपने संबोधन में कहा कि युवा विधायकों को संसदीय मर्यादाओं का पालन करते हुए तकनीक और नवाचार के माध्यम से जनता की समस्याओं का समाधान खोजना होगा। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने युवा शक्ति को लोकतंत्र का आधार बताते हुए उन्हें सजग और संवेदनशील रहने की प्रेरणा दी। सम्मेलन में विशेषज्ञों ने डिजिटल गवर्नेंस, जलवायु परिवर्तन और समावेशी विकास जैसी चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला, जिससे युवा विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों में प्रभावी कार्ययोजना बनाने में मदद मिलेगी।
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