नई दिल्ली
भारत और चीन की सीमा पर साल 2020 के बाद से लगातार तनाव है। भारतीय सेना के चीफ मनोज पांडे ने गुरुवार को बताया कि उत्तरी सीमाओं पर हालात स्थिर लेकिन अप्रत्याशित हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने सात में से पांच मुद्दों को हल कर लिया है। हम मिलिट्री और डिप्लोमेटिक दोनों स्तरों पर बातचीत कर रहे हैं। हमारे पास हर स्थिति से निपटने के लिए प्रयाप्त रिजर्व हैं।
जम्मू-कश्मीरकी स्थिति पर बात करते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि फरवरी 2021 से जम्मू-कश्मीर में सीमा पर सीज फायर है लेकिन सीमा पार से आंतकवाद का लगातार समर्थन किया जा रहा है और वहां आतंक का बुनियादी ढांचा आज भी मौजूद है। उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्व के ज्यादातर राज्यों में शांति लौट आई है। इन राज्यों में आर्थिक गतिविधियों और विकास कार्यों की वजह से अच्छे रिजल्ट देखने को मिल रही है। इस बार का आर्मी डे इसलिए भी स्पेशल है क्योंकि देश इसबार 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सेना अध्यक्ष मनोज पांडे ने बताया कि हमने भारतीय सेना में बदलाव करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सेना में बदलाव पांच प्रमुख डोमेन में किए जाने का फैसला किया गया है, जिनमें फोर्स रिस्ट्रक्चरिंग , मॉडर्नाइजेशन , नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट फिलॉसफीशामिल है।
जनरल मनोज पांड ने कहा कि महिला अधिकारियोंको जल्द ही भारतीय सेना की कोर ऑफ आर्टिलरी में शामिल किया जाएगा। हमने सरकार को इस बारे में प्रपोजल भेजा है और हमें उम्मीद है कि इसे जल्द ही स्वीकार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे हमारे पास आर्मी मार्शल आर्ट्स रूटीन भी है जो लड़ाई की स्थितियों से निपटने में मदद करेगा। यह देश में विभिन्न मार्शल आर्ट का मिश्रण है।
बीते 3 साल में 1300 करोड़ रुपये खर्च
घाटी को लद्दाख से जोड़ने वाली जोजीला टनल इस साल के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगी. शिंकुन ला सुरंग लद्दाख के लिए अंतिम चरण में है. यह लेह को वैकल्पिक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. इसके अलावा सासेर ला सुरंग से डीएस-डीबीओ सड़क के लिए वैकल्पिक कनेक्टिविटी होगी. जनरल पांडे ने बताया कि बीते तीन साल में इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 1300 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.
