-हाई कोर्ट में चल रहा है मामला फिर भी नये सदस्य बनाना शुरू
भोपाल।
भेल से लगी बहु चर्चित अमृतपुरी ग्रह निर्माण सहकारी संस्था का मामला भी चर्चाओं में है । यहां के अध्यक्ष के खिलाफ न केवल हाई कोर्ट में मामला चल रहा है बल्कि उपायुक्त सहकारी संस्थाएं में भी शिकायतें की गई लेकिन अध्यक्ष को इससे कोई मतलब नहीें है । यहीं नहीं इनकी मनमानी के चलते संस्था के 8 डायरेक्टरों इस्तीफा तक दे डाला लेकिन इसका असर भी कुछ नहीं हुआ । मामले की शिकायत संस्था के 8 संचालकों ने उपायुक्त सहकारी संस्थाए की है।
शिकायत में कहा है कि संस्था के तथा कथित अध्यक्ष ने पिछले 3 सालों में करीब 84 नये सदस्यों को संस्था में शामिल किया है । वहीं करीब 100 सदस्यों को प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है । खास बात यह है कि यह नये 84 सदस्य किसी न किसी गृह निर्माण सहकारी संस्था के सदस्य या फिर कहीं न कहीं इनके भू-खण्ड और भवन भी हैं । इस मामले में सहकारिता विभाग के निरीक्षकों ने जांच के बाद संस्था अध्यक्ष को दोषी भी पाया ।
अध्यक्ष द्वारा किये गये कृत्यों की जानकारी संस्था के डायरेक्टरों को नहीं दी गई इसी कारण उन्होंने इस्तीफा तक दे डाला । कुछ मामलों ंमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा एक याचिका के पारित आदेश में संस्था को यथा स्थिति बनाये रखने को कहा गया है । इसके बावजूद भी अध्यक्ष अवैधानिक कार्य कर रहा है । शिकायत में कहा है कि संस्था की भूमि को अवैधानिक रूप से भूमाफियों को बेचने एवं फर्जी सदस्यों के माध्यम से निर्वाचन कराने की फिराक में हैं जो पूरी तरह माननीय न्यायालय की अवमानना की श्रैणी में आता है ।
संस्था के डायरेक्टरों ने अध्यक्ष के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव भी ला चुके हैं और उनके निष्कासन करने का ठेहराव भी पारित कर चुके हैं। इन डायरेक्टरों ने शिकायत में कहा है कि अध्यक्ष के खिलाफ धारा 420 और फर्जी प्रस्ताव पारित करने की जांच भोपाल क्राइम ब्रांच एंव अवधपुरी थाने में चल रही है । इन डायरेक्टरों ने उपायुक्त को अपने इस्तीफे भी भेज कर मांग की है कि संस्था में प्रशासक नियुक्त कर निर्वाचन की कार्यवाही जल्द से जल्द कराई जाये । इस्तीफा देने वालों में ए प्रियास्वामी,ए राजेन्द्रन,अरूण कुमार वर्मा,सुरेन्द्र सिंह अहिरवार,पी वासुदेवन,मुक्ता हासिजा,मो. असद अलवी,राजेश तायड़े शामिल हैं।
