2.4 C
London
Sunday, March 15, 2026
Homeराज्य'पहले 2 साल मुझे CM, फिर 3 साल DK शिवकुमार', सिद्धारमैया का...

‘पहले 2 साल मुझे CM, फिर 3 साल DK शिवकुमार’, सिद्धारमैया का फॉर्मूला

Published on

बेंगलुरु,

कर्नाटक में शानदार जीत और स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद कांग्रेस अब जल्द ही मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर सकती है. बेंगलुरु के एक होटल में रविवार को विधायक दल की बैठक हुई जिसमें पार्टी के सभी नवनिर्वाचित 135 विधायकों ने हिस्सा लिया. मुख्यमंत्री का नाम तय करने के लिए विधायकों ने वोटिंग की. विधायकों में किसी ने शिवकुमार, तो किसी ने सिद्धारमैया, किसी ने डॉक्टर जी परमेश्वर, किसी ने खड़गे तो किसी ने लिंगायत नेता एमबी पाटिल के नाम का सुझाव दिया. कुछ विधायकों ने पार्टी हाईकमान पर फैसला छोड़ दिया.

खड़गे के सामने होगी मतों की गिनती
पर्यवेक्षक बैलट बॉक्स को कांग्रेस आलाकमान तक ले जाएंगे और खड़गे के सामने खोलकर वोटों की गिनती करेंगे.अधिकतम मत प्राप्त करने वाले नेता का नाम गुप्त रखा जाएगा क्योंकि, मतदान केवल राय जानने के लिए ऐसा किया गया था. सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार को आज शाम तक दिल्ली बुलाया गया है. चर्चा के बाद मंगलवार या बुधवार तक फैसला लिया जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को नए मुख्यमंत्री और 30 कैबिनेट सदस्य शपथ ले सकते हैं.

सिद्धारमैया का फॉर्मूला
सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने सत्ता में साझेदारी का सुझाव देते हुए कहा कि पहले 2 साल उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाए और बाद के 3 साल डीके शिवकुमार को सीएम की कुर्सी सौंपी जाए. सिद्धारमैया ने कहा, ‘चूंकि वह उम्रदराज़ हैं, इसलिए वह कम से कम 2024 के संसदीय चुनावों तक पहले चरण में सरकार चलाना चाहते हैं.’ हालांकि शिवकुमार ने सिद्धारमैया के इस फॉर्मूले को राजस्थान और छत्तीसगढ़ का हवाला देते हुए खारिज कर दिया.

दोनों नेताओं ने सभी विधायकों से अपने-अपने लिए समर्थन मांगा. आलाकमान के लिए बड़ी चुनौती यह है कि अगर डीके को विधायक दल नेता के रूप में चुना जाता है तो सिद्धारमैया को फिर कैसे मनाया जाए और उन्हें क्या जिम्मेदारी दी जाए. शिवकुमार का पक्ष इसलिए भी मजबूत है क्योंकि पार्टी पिछले तीन वर्षों में उनके द्वारा किए गए प्रयासों से अच्छी तरह वाकिफ है.

अगर डीके शिवकुमार को सीएम नहीं बनाया जाता है तो कैडर को गलत संदेश जा सकता है, क्योंकि उन्होंने पार्टी के वफादार सिपाही के रूप में अपनी एक अलग छवि बनाई है. यहां अब डीके के संगठनात्मक कौशल को तरजीह दी जाए या फिर सिद्धारमैया के प्रशासनिक कौशल को, इस पर फैसला लेना आलाकमान के लिए चुनौती से कम नहीं होगा.

ऐसा रहा चुनाव परिणाम
आपको बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 224 में से 136 सीटों पर जीत दर्ज की है. पार्टी को 43 फीसदी वोट शेयर मिला है. कांग्रेस की इस धुआंधार जीत के बाद इंडिया टुडे की डेटा इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) ने चुनाव में जीत के अंतर का विश्लेषण किया. इस विश्लेषण में पता चला कि कांग्रेस ने 2018 की तुलना में काफी सीटों पर आराम से जीत दर्ज की, लेकिन कुछ सीटें ऐसी भी थीं, जहां जीत का अंतर बेहद कम रहा. इन सीटों पर थोड़ा सा भी नुकसान होने पर कांग्रेस प्रत्याशियों की हार हो सकती थी.

Latest articles

खण्डेलवाल परिवार के दुख में शामिल हुए सांसद आलोक शर्मा, दी श्रद्धांजलि

भारतीय जनता पार्टी भोपाल लोकसभा के सांसद श्री आलोक शर्मा ने शनिवार को भारतीय...

नंबर टू उद्योगपति लेंगे राजधानी की सबसे कीमती जमीन, भेल का भी नंबर लग सकता है!

भोपाल! भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार देश के ‘नंबर टू’ उद्योगपति अब भोपाल की फिजाओं में...

बीएचईएल थ्रिफ्ट सोसायटी की बैठक: सदस्यों को मिलेगा 6.25% ब्याज, उपहार में एक्सरसाइज बाइक देने पर विचार

भेल, भोपाल। बी.एच.ई.एल. थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, पिपलानी, भोपाल की प्रबंधकारिणी समिति की...

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...

More like this

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी होली व धुलंडी की शुभकामनाएं

जयपुर भजनलाल शर्मा ने होली एवं धुलंडी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई...

मप्र में अवैध कॉलोनियों पर सख्ती की तैयारी, 90 दिन में एफआईआर और 10 साल तक की सजा का प्रस्ताव

भोपाल मप्र में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए राज्य...