10.4 C
London
Saturday, March 28, 2026
Homeराजनीतिवोट माल-पानी से नहीं मिलता, अगले चुनाव में पोस्टर नहीं लगाऊंगा.. गडकरी...

वोट माल-पानी से नहीं मिलता, अगले चुनाव में पोस्टर नहीं लगाऊंगा.. गडकरी की खरी-खरी

Published on

नई दिल्ली

केंद्रीय परिवहन मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी अपने बेबाक बोल के लिए जाने जाते हैं। अपनी लोकसभा सीट नागपुर को सबसे मुश्किल सीट बताते हुए गडकरी ने एक ऐसी बात कही जो बड़े-बड़े नेता बोलने से पहले 100 बार सोचेंगे। राजस्थान के पूर्व सीएम और पूर्व उपराष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत की जयंती के अवसर पर गडकरी ने कहा कि वो अगले चुनाव में न तो कोई पोस्टर लगावाएंगे और न ही बैनर छपवाएंगे। इसके पीछे उन्होंने बड़ा ही रोचक कारण भी बताया।

वोट माल-पानी से नहीं मिलता
गडकरी ने कहा कि आजकल लोग होशियार हो गए हैं। चुनाव के समय माल-पानी मिलता है तो रख देते हैं। पति एक को वोट देता है, पत्नी एक को वोट देती है और बच्चा तीसरी तरफ चला जाता है। लेकिन असल वोट तो मिलता है सेवा की राजनीति से। विकास की राजनीति से, गांव में गरीबों के कल्याण से, स्वास्थ्य सुविधाओं से, युवाओं को रोजगार देने से, बच्चों को अच्छा स्कूल देने से। गरीबों को अच्छे अस्पताल देने से वोट मिलता है।

पोस्टर, बैनर नहीं लगाऊंगा, चाय भी नहीं पिलाऊंगा
गडकरी ने कहा कि जो बात मैं कहता हूं वो सब एमएलए-एमपी को कहना चाहूंगा। उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत मुश्किल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। मुझे सभी नेताओं ने मना किया था। पर मैं जिद के साथ लड़ा था। पर अब मैंने ये तय कर लिया है कि अगले चुनाव में मैं कोई पोस्टर नहीं लगाऊंगा, बैनर भी नहीं लगाऊंगा, चाय नहीं पिलाऊंगा, कुछ नहीं करूंगा। जिसको वोट देना है देगा, नहीं देगा। मेरा विश्वास है कि पहले साढ़े 3 लाख की जीत की मार्जिन है अब वो और एकाध लाख बढ़ जाएगी।

जिंदा मछली का दिया उदाहरण
गडकरी ने भैरो सिंह शेखवात की जन्मशती के अवसर पर कहा कि हमारी राजनीति में सबसे बड़ी समस्या विचारशून्यता का है। गडकरी ने कहा कि जो सही नेता होता है वो प्रवाह के खिलाफ बोलने की हिम्मत दिखाता है। अली दस्तूर करके एक बहुत विद्वान विदुषी थीं जो काफी अच्छी बात कहकर गईं हैं कि नदी जब बहती है तो उसके प्रवाह के साथ कूड़ा-कचरा मछली सब बहती है। जो मरी हुई मछली होती है वो प्रवाह के साथ बहती है, लेकिन जो जिंदा मछली है वो प्रवाह के खिलाफ तैरती है, ये उसके जिंदादिली का उदाहरण है। जब कांग्रेस की सत्ता चरम सीमा पर थी, जनसंघ कभी सत्ता में आएगी ऐसा लग नहीं रहा था, तब अपने विचारधारा पर अटल रहकर भैरो सिंह शेखावत ने पार्टी के विचार को आगे बढ़ाया।

Latest articles

प्रशिक्षण से व्यक्तित्व का उत्कर्ष, राष्ट्र निर्माण की आधारशिला : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

प्रशिक्षण अभियान सशक्त भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है: प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल भोपाल:...

भोपाल में सूखे कचरे से बनेगा कोयला, आदमपुर छावनी में 220 करोड़ का चारकोल प्लांट शुरू

भोपाल राजधानी में अब सूखे कचरे से कोयला तैयार किया जाएगा। इसके लिए आदमपुर छावनी...

भंडारा खाकर लौट रहे युवक को बस ने कुचला, मौके पर मौत

भोपाल राजधानी के एमपी नगर इलाके में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। गायत्री...

एम्स भोपाल में जल्द शुरू होगी लंग ट्रांसप्लांट सुविधा, मरीजों को दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा

भोपाल एम्स भोपाल में जल्द ही फेफड़ा प्रत्यारोपण (लंग ट्रांसप्लांट) की सुविधा शुरू होने जा...

More like this

प्रशिक्षण से व्यक्तित्व का उत्कर्ष, राष्ट्र निर्माण की आधारशिला : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

प्रशिक्षण अभियान सशक्त भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है: प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल भोपाल:...

राजधानी में गैंगवार की आहट: तीन माह से फरार गैंगस्टर घर पहुँचा तो दुश्मनों ने बरसाईं गोलियां

भोपाल राजधानी के ऐशबाग इलाके में उस समय सनसनी फैल गई जब एक गैंगस्टर के...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जोधपुर में रामनवमी शोभायात्रा में हुए शामिल — श्रीराम दरबार की पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को जोधपुर के घंटाघर क्षेत्र में आयोजित भव्य रामनवमी शोभायात्रा...