नई दिल्ली ,
सिद्दारमैया ने शनिवार को राज्य में नई कांग्रेस सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में कर्नाटक के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। समारोह यहां कांतीरावा स्टेडियम में आयोजित किया गया। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सिद्दारमैया को पद की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री के रूप में सिद्दारमैया का यह दूसरा कार्यकाल है। उन्होंने पहले 2013 और 2018 के बीच यह पद संभाला था। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर सिद्दारमैया और शिवकुमार ने हाथ जोड़कर भीड़ का अभिवादन किया। बाद में राहुल गांधी उनके साथ हो लिए। शपथ ग्रहण समारोह में करीब एक लाख लोग शामिल हुए। शपथ ग्रहण के बाद मंच पर आए राहुल गांधी ने लोगों को संबोधित किया और कहा कि अगल दो घंटे में कर्नाटक सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग होने जा रही है और कांग्रेस ने जो पांच वादे किए हैं, उन्हें लेकर कानून बना देंगे।
राहुल गांधी ने मंच पर आकर कांग्रेस के आमंत्रण पर आए सारे विपक्षी नेताओं का नाम लिया और उन्हें धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की जनता को मैं दिल से और कांग्रेस पार्टी की ओर से धन्यवाद करता हूं। आपने पूरी तरह कांग्रेस पार्टी को समर्थन दिया।
‘कैबिनेट बैठक में बनेंगे कानून’
राहुल गांधी ने एक-एक करके कांग्रेस के वादों को दोहराया और उन्हें पूरा करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि एक- दो घंटे में कर्नाटक की नई सरकार की पहली कैबिनेट की बैठक होगी। उसमें हमारे जो पांच वादे हैं वे कानून बन जाएंगे। हम जो कहते हैं हम कर दिखाते हैं।
कांग्रेस के 5 गांरटी वादे
राहुल गांधी ने कहा कि कर्नाटक चुनाव से पूर्व कांग्रेस ने 5 गारंटी के वादे किए थे। इन वादों में सभी घरों (गृह ज्योति) को 200 यूनिट मुफ्त बिजली, हर परिवार की महिला मुखिया (गृह लक्ष्मी) को 2000 रुपये मासिक सहायता, गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवार (अन्न भाग्य) के प्रत्येक सदस्य को 10 किलोग्राम मुफ्त चावल, बेरोजगार स्नातक युवाओं के लिए हर महीने 3,000 रुपये और बेरोजगार डिप्लोमा धारकों (दोनों 18-25 आयु वर्ग में) को दो साल के लिए 1,500 रुपये (युवा निधि) और सार्वजनिक परिवहन बसों (शक्ति) में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा शामिल हैं।
‘बीजेपी ने खोली नफरत की दुकान’
कांग्रेस नेता ने कहा कि भी पांच गारंटी राहुल गांधी ने दी थी, सभी पूरी की जा रही हैं। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 5 सालों में आपने कौन सी मुश्किलें सही यह आप और हम जानते है। मीडिया में लिखा गया कि यह चुनाव कांग्रेस पार्टी क्यों जीती। इस जीत का सिर्फ एक कारण है और वह है कांग्रेस कर्नाटक के गरीबों, पिछड़ों, दलितों के साथ खड़ी हुई। उन्होंने कहा कि हमने यात्रा में कहा था नफरत को मिटाया और मोहब्बत जीती। नफरत के बाजार में कर्नाटक ने लाखों मोहब्बत की दुकानें खोली है।
‘लोगों की सरकार, दिल से करेंगे काम’
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि हमने आपसे पांच वादे किए थे। उन्होंने एक-एक करके वादे याद दिलाए और कहा कि हम झूठे वादे नहीं करते हैं। जो कहते हैं, वह करते हैं। एक-दो घंटे में कर्नाटक सरकार की पहली कैबिनेट बैठक होगी। उस मीटिंग में पांचों वादों को लेकर कानून बन जाएंगे। जो हम कहते हैं, वह हम करते हैं। सरकार का लक्ष्य हमारे किसान, मजदूर, छोटे दुकानदार, युवाओं की रक्षा करना और उनके भविष्य को सुनहरा बनाना है। कर्नाटक के लोगों ने कांग्रेस को जो शक्ति दी है, उसे हम कभी नहीं भूलेंगे। यह सरकार कर्नाटक के लोगों की है। हम दिल से आपके लिए काम करेंगे।
क्या हैं पांच वायदे
1- कांग्रेस पार्टी ने पहला वादा किया था कि हर परिवार को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाएगी.
2- दूसरा वादा है, ग्रैजुएट बेरोजगार को 3 हजार रुपये मासिक भत्ता और डिप्लोमा होल्डर्स छात्रों को डेढ़ हजार रुपये मासिक भत्ता.
3- कांग्रेस का तीसरा वादा है, प्रत्येक परिवार की एक महिला को दो हजार रुपये मासिक भत्ता दिया जाएगा.
4- हर गरीब व्यक्ति को 10 किलोग्राम मुफ्त अनाज.
5- 5वां वादा है, हर महिला को सरकारी बसों में मुफ्त सफर की सुविधा मिलेगी.
किस गारंटी पर कितना खर्च करना पड़ेगा?
1- 200 यूनिट फ्री बिजली: इस वादे को अगर पूरा किया जाता है तो इस पर सरकार को सलाना 14 हजार 430 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे और जो राज्य का कुल बजट का 5% पैसा सिर्फ मुफ्त बिजली पर खर्च हो जाएगा.
2- बेरोजगारी भत्ता: इस योजना पर सालाना खर्च 3 हजार करोड़ रुपये होगा, और राज्य के कुल बजट का 1.2 प्रतिशत हिस्सा इसी बेरोजगारी भत्ते को देने पर खर्च हो जाएगा.
3- महिला भत्ता: इस वादे को लागू किया गया तो इस पर राज्य सरकार को हर साल 30 हजार 720 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे और राज्य के कुल बजट का साढ़े 12 प्रतिशत भाग इसी योजना को लागू करने पर खर्च हो जाएगा.
4- मुफ्त अनाज: इस पर सालाना 5 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे और राज्य के कुल बजट का 2 प्रतिशत भाग अकेले इसी पर खर्च हो जाएगा.
5- मुफ्त सफर : इस खर्च का अनुमान निकालना अभी थोड़ा मुश्किल है. लेकिन इससे भी राज्य के कुल बजट पर काफी बोझ बढ़ेगा.

