नई दिल्ली,
अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग के भंवर में फंसने के बाद भारी नुकसान झलने के बाद अब अडानी ग्रुप वापसी की राह पर है. गौतम अडानी की कंपनियों के शेयरों ने बीते कुछ दिनों में जबरदस्त छलांग लगाई है औऱ इसका असर अडानी के नेटवर्थ पर भी पड़ा है. बुधवार को ही उन्होंने दुनिया के Top-20 अरबपतियों में वापसी की, लेकिन अब अडानी ग्रुप पर फिर से संकट के बादल छाते नजर आ रहे हैं. शेयरों में तूफानी तेजी के बाद प्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों को स्टॉक एक्सचेंजों ने निगरानी में डाल दिया है.
आज से एएसएम में अडानी का शेयर
Adani Enterprises के शेयर का बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने शॉर्ट टर्म के लिए अतिरिक्त निगरानी (ASM) में डाला है. एक्सचेंजों की ओर से बताया गया कि अडानी ग्रुप की इस फ्लैगशिप कंपनी को 25 मई 2023 यानी आज से ASM के स्टेप- I में डाला जा रहा है. गौरतलब है कि इससे पहले भी बीएसई और एनएसई ने अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर का शॉर्ट टर्म एएसएम फ्रेमवर्क में डाला था, जहां से उसे बीते मार्च महीने में ही निकाला गया था. बीते कारोबारी दिन बुधवार को भले इस स्टॉक में गिरावट देखने को मिली, लेकिन इससे पहले लगातार तीन कारोबारी दिनों तक ये शेयर तूफानी रफ्तार से आगे बढ़ रहा था. मंगलवार को इसमें 14 फीसदी की जोरदार उछाल देखने को मिली थी.
क्या होता है ASM फ्रेमवर्क?
किसी भी शेयर का एडिशनल सर्विलांस एक तरह की निगरानी होती है, जिसमें मार्केट के रेगुलेटर सेबी और मार्केट एक्सचेंज बीएसई, एनएसई इसपर निगाह रखते हैं. जब किसी शेयर में मैनुपुलेशन या फिर ज्यादा ट्रेडिंग होने से कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव होता है, तो एक्सचेंज निगरानी के लिए उस शेयर को ASM फ्रेमवर्क में डाल देते हैं. इसका मकसद दरअसल, मार्केट पर भरोसा बढ़ाना और इन्वेस्टर्स के हितों की रक्षा करना होता है. खास बात ये है कि जिन शेयरों को ASM फ्रेमवर्क में डाला जाता है, उन्हें गिरवी रखे जाने की अनुमति नहीं होती है.
मार्केट से मोटा फंड जुटाने की तैयारी
अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की ओर से बीते दिनों जानकारी शेयर की गई थी कि कंपनी बोर्ड ने मार्केट से 12,500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना को मंजूरी दे दी है. अडानी एंटरप्राइजेज ने एक बयान में कहा कि वह क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIB) या अन्य स्वीकार्य मोड के जरिए इक्विटी शेयर बेचकर फंड जुटाने की योजना बना रही है. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के तीन महीने बीतने के बाद अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज मार्केट से फंड जुटाने की योजना लेकर आई है. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने अडानी ग्रुप को जोरदार झटका दिया था और समूह की कंपनियों के शेयर 50 फीसदी से अधिक टूट गए थे. हालांकि, अब ये स्टॉक तेजी से रिकवरी कर रहा है.
निगरानी की खबर से बिखरे शेयर
स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा Adani Enterprises के शेयर को निगरानी में डाले जाने की खबर का असर कंपनी के स्टॉक्स पर भी दिखाई दे रहा है. सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को शेयर बाजार की शुरुआत के साथ Adani Ent Stocks लाल निशान पर खुले. खबर लिखे जाने तक सुबह 10.50 बजे पर ये 2.21 फीसदी की गिरावट के साथ 2,421.00 रुपये के लेवल पर ट्रेड कर रहे थे. बता दें अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों का 52 वीक का हाई लेवल 4190 रुपये और 52 वीक का लो-लेवल 1017.45 रुपये है. कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Adani Enterprises MCap) 2.76 लाख करोड़ रुपये है.
