विदिशा
छेड़छाड़ से तंग आकर दो महीने पहले सुसाइड करने वाली बीए फर्स्ट इयर की छात्रा के पिता ने भी गुरुवार को फांसी लगाकर जान दे दी। पिता बेटी को न्याय दिलाने के लिए लड़ रहा था, लेकिन पुलिस नहीं सुन रही थी। क्योंकि, आरोपी भाजपा से जुड़े थे। दो मौतों के बाद परिजनों ने शव रखकर चक्काजाम किया, तब पुलिस ने पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार 6 लोगों के खिलाफ धारा 306 के तहत केस दर्ज किया। मामला नटेरन थाने के दुपारिया गांव का है।
यहां छात्रा रक्षा गोस्वामी ने 2 महीने पहले सुदीप धाकड़ और 5 अन्य आरोपियों द्वारा छेड़छाड़ से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। उसने सुसाइड नोट में 6 लोगों के नाम लिखे थे, फिर भी पुलिस ने सिफ सुदीप धाकड़ पर केस किया। जमानत पर छूटने के बाद से वह उसके पिता को धमका रहा था, इससे डरे पिता धीरेंद्रगिरि ने भी गुरुवार को सुसाइड कर लिया। इधर, धीरेंद्र के सुसाइड पर भड़के परिजन और ग्रामीण शुक्रवार को इंसाफ के लिए सड़क पर उतर आए। उन्होंने पुजारी का शव स्ट्रेचर पर रखकर विदिशा-सांची रोड पर दो घंटे तक चक्काजाम कर दिया। लोगों ने सुसाइड नोट में लिखे 9 लोगों पर एफआईआर की मांग की। बाद में पुलिस ने 6 आरोपियों पर केस दर्ज किया। इधर, हंगामा और चक्काजाम के बाद कोतवाली थाना टीआई आशुतोष सिंह ने दिनेश, जीवन, कुलदीप, वीरन, सुदीप और राकेश सहित 6 आरोपियों के खिलाफ धारा 306 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
रक्षा के साथ छेड़छाड़ करने और धमकाने वाले 6 लोगों पर धारा 306 के तहत केस दर्ज किया है। हेड कांस्टेबल राकेश शर्मा का ट्रांसफर किया गया है।
दीपक कुमार शुक्ला, एसपी, विदिशा
