11.2 C
London
Saturday, March 14, 2026
Homeराज्य'दुष्कर्म पीड़िता को बच्चा पैदा करने के लिए मजबूर नहीं किया जा...

‘दुष्कर्म पीड़िता को बच्चा पैदा करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता’, हाईकोर्ट का बड़ा बयान

Published on

प्रयागराज,

महज बारह साल की उम्र में दुष्कर्म का शिकार हुई पीड़िता के गर्भ से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी की है. अदालत ने कहा है कि किसी भी महिला को दुष्कर्मी के बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता. बता दें कि पीड़िता के पेट में आरोपी का 25 सप्ताह का गर्भ था.

कोर्ट ने कहा कि एक महिला को गर्भावस्था के समापन से मना करने और उसे मातृत्व की जिम्मेदारी से बांधने से उसके सम्मान के साथ जीने के मानव अधिकार से इनकार करना होगा. दुष्कर्म पीड़िता को अपने शरीर की स्थिति का निर्णय लेने का पूरा अधिकार है. यह टिप्पणी न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने बलात्कार पीड़िता की मां की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए की है.

कोर्ट ने प्रकरण की संवदेनशीलता को देखते हुए मानवीय आधार पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति को जवाहर लाल मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के पांच चिकित्सकों की टीम गठित कर पीड़िता की मेडिकल जांच कराने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि टीम में एनेस्थेटिस्ट, रेडियो डॉयग्नोसिस विभाग के एक-एक सदस्यों को भी शामिल किया जाय.

बता दें कि दुष्कर्म पीड़िता गूंगी बहरी है. वह आपबीती किसी को नहीं बता सकती. उसके पड़ोसी ने कई बार उसका यौन शोषण किया. जिसकी जानकारी उसने अपनी मां को सांकेतिक रूप से दी थी. इसके बाद मां की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी.

16 जून 2023 को पीड़िता की मेडिकल जांच कराई गई तो 23 सप्ताह के गर्भ का पता चला था. 27 जून को मामले को मेडिकल बोर्ड के समक्ष रखा गया तो यह राय दी गई कि गर्भावस्था 24 सप्ताह से अधिक है. इसलिए गर्भपात कराने से पहले अदालत की अनुमति की आवश्यकता है. मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी अधिनियम की धारा तीन के अनुसार किसी महिला की गर्भावस्था को समाप्त करने का समय 20 सप्ताह से अधिक नहीं है. केवल विशेष परिस्थितियों में गर्भपात की अनुमति दी जा सकती है. यह देखा जाएगा कि महिला के जीवन या शारीरिक स्वास्थ्य को कोई गंभीर नुकसान तो नहीं होगा.

Latest articles

भोपाल में एलपीजी गैस संकट गहराया, होटल-रेस्टॉरेंट बंद होने की कगार पर

भोपाल। राजधानी भोपाल में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत देखने को...

कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने डब्ल्यूसीएल की परियोजनाओं का किया उद्घाटन

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री G. Kishan Reddy ने Western Coalfields Limited (डब्ल्यूसीएल)...

महिला समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार, सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि महिला शक्ति न केवल परिवार, बल्कि समाज...

बीएचईएल में गूंजा मजदूर-किसान एकता का नारा, नुक्कड़ नाटक से नए श्रम कानूनों का विरोध

भोपाल बीएचईएल  गेट क्रमांक 5 पर आज मजदूर-किसान एकता का नया जोश देखने को मिला।...

More like this

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी होली व धुलंडी की शुभकामनाएं

जयपुर भजनलाल शर्मा ने होली एवं धुलंडी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई...

मप्र में अवैध कॉलोनियों पर सख्ती की तैयारी, 90 दिन में एफआईआर और 10 साल तक की सजा का प्रस्ताव

भोपाल मप्र में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए राज्य...