लखनऊ
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के मिहींपुरवा ब्लॉक के लाल भोजा गांव में आयोजित ईसाइयों की सामूहिक प्रार्थना सभा पर आपत्ति जताने वाले विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ताओं पर कथित तौर पर हमला करने और धमकी देने के बाद आठ लोगों को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बहराइच पुलिस ने कहा कि शिकायतकर्ता संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि आरोपी हिंदू देवी-देवताओं की आलोचना करने के अलावा लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे।
ओबीसी और दलित समुदाय से हैं सभी आरोपी- बहराइच पुलिस
पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी ओबीसी और दलित समुदाय से हैं। पिछले एक सप्ताह में बहराइच में यह दूसरी घटना है जहां किसी हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने सामूहिक प्रार्थना पर आपत्ति जताने पर इस तरह के हमले का आरोप लगाया है। पुलिस ने बताया कि उन्हें गुरुवार दोपहर सूचना मिली कि लाल भोजा गांव में कुछ लोगों ने विहिप के कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया है। पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और कथित हमले में शामिल होने के आरोप में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया।
हिंदू देवी-देवताओं की आलोचना, बहस और हमला करने का आरोप
विश्व हिंदू परिषद के जिला-स्तरीय पदाधिकारी होने का दावा करने वाले संदीप सिंह ने कहा, “मैं वीएचपी के कई कार्यकर्ताओं के साथ घटनास्थल पर गया और पाया कि वहां आरोपी हिंदू देवी-देवताओं की आलोचना कर रहे थे। जब मैंने आपत्ति जताई तो उन्होंने पहले हमसे बहस की फिर हम लोगों पर हमला करने लगे।
भारतीय दंड संहिता की इन धाराओं के तहत दर्ज किया गया मामला
मुर्थिया पुलिस स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) शशि कुमार राणा ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 504 (शांति भंग करने के लिए जानबूझकर अपमान करना), 506 (आपराधिक धमकी), 295-ए (किसी धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने के लिए जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य) और 298 (दूसरों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए शब्द बोलना) के तहत एक महिला सहित 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
आरोपियों के खिलाफ धर्मांतरण विरोधी कानून के आरोप नहीं लगाए गए- पुलिस
उन्होंने कहा, “शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तारियां की गईं। अन्य आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है।” SHO शशि कुमार राणा ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ धर्मांतरण विरोधी कानून के आरोप नहीं लगाए गए क्योंकि यह स्थापित नहीं किया जा सका कि वे ऐसी गतिविधि में शामिल थे या नहीं।
इससे पहले बहराइच में पुलिस ने मंगलवार को नानपारा इलाके में एक दोस्त के घर जा रहे बजरंग दल के 28 साल के कार्यकर्ता पर हमला करने के आरोप में एक पादरी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। शिकायत करने वाले दीपांशु श्रीवास्तव ने लोगों को ईसाई धर्म में परिवर्तित होने के लिए उकसाने के लिए “सामूहिक प्रार्थना” आयोजित करने और हिंदू देवताओं की आलोचना करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में दो शिकायतें दर्ज कराईं। पहला मामला 4 जून को और दूसरा 9 जुलाई को नानपारा थाने में दर्ज किया गया था।
नई दिल्ली
पीएम नरेन्द्र मोदी फ्रांस की दो दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद शनिवार (15 जुलाई) को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंच गए हैं। यहां पहुंच कर पीएम मोदी ने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की है।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी को फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया। फ्रांस के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक सफल यात्रा के बाद फ्रांस से विदायी ली। इस यात्रा ने भारत-फ्रांस संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत की है।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की यात्रा से जुड़ी खास बातें
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की यात्रा के दौरान पीएम मोदी शीर्ष नेतृत्व के साथ खासतौर पर ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और रक्षा क्षेत्रों पर बातचीत कर सकते हैं। इस दौरान दोनों रणनीतिक साझेदार देश एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते को लेकर हुई प्रोग्रेस की समीक्षा करेंगे।
पीएम मोदी अपनी इस यात्रा की शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात कर की है। पीएम के दौरे को लेकर यूएई में भारत के राजदूत संजय सुधीर ने कहा, “इस रिश्ते की खूबसूरती यह है कि हमारे नेता नियमित रूप से संपर्क में रहे हैं, यहां तक कि कोविड के दौरान भी वे वर
