भोपाल।
भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में 14 मार्च 2026 को एक विशेष व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों को जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम अनुसंधानों और तकनीकी प्रगति से अवगत कराना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर की डीन डॉ. अस्मिता गजभिए उपस्थित रहीं। मुख्य वक्ता के रूप में आईआईटी बॉम्बे से जुड़े ऑस्टिक फार्मा के मैनेजिंग डायरेक्टर विनय सैनी और स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय, सागर के प्रोफेसर डॉ. शैलेन्द्र पाटिल ने आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य विज्ञान और बायो-उद्यमिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। व्याख्यान के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों को प्रयोगशाला के नवाचारों को उद्योग तक ले जाने की प्रक्रिया और स्टार्ट-अप की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में संस्थान के प्राचार्य और आयोजक डॉ. लवकेश कुमार ओमरे ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने में सहायक होती हैं।
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