जशपुर। जशपुर जिले के विकास इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय ने धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित कर दिया है, जिससे पहली बार जशपुर जिला सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ गया है। लगभग 291.881 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले स्थित धरमजयगढ़ से शुरू होकर जशपुर जिले के पत्थलगांव होते हुए झारखंड के लोहरदगा तक पहुंचेगी।
रेल मंत्रालय द्वारा रेल अधिनियम 1989 के तहत जारी अधिसूचना के साथ ही परियोजना औपचारिक रूप से प्रभावशील हो गई है। वर्षों से क्षेत्रवासियों की रेल संपर्क की मांग अब साकार होती दिखाई दे रही है। नई रेल परियोजना के माध्यम से अब तक रेल सुविधा से वंचित रहे वनांचल क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे आम नागरिकों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले युवाओं को बेहतर एवं किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
रेल संपर्क स्थापित होने से जशपुर के कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों को देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। वहीं क्षेत्र के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों, जलप्रपातों और धार्मिक स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच बढ़ने से पर्यटन उद्योग को भी नई गति मिलेगी। इसके अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होने के साथ-साथ निर्माण और संचालन के दौरान हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। क्षेत्रवासियों ने इस परियोजना को जशपुर के विकास, समृद्धि और भविष्य की नई संभावनाओं का द्वार बताते हुए इसे जिले की ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया है।
