नई दिल्ली,
दिल्ली में यमुना का जलस्तर भले ही कम हो रहा है लेकिन अभी भी कई इलाके बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं. कई जगहों पर लोग खुली आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं. इस बीच दिल्ली में आई बाढ़ को लेकर राजनीति आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति शुरू हो गई है. यमुना में बाढ़ को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. दिल्ली सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली को जानबूझकर डुबाया गया और इसके लिए बीजेपी जिम्मेदार है.
केवल दिल्ली भेजा गया पानी- भारद्वाज
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ने कहा, ‘दिल्ली को जानबूझकर डुबाया गया, हथिनीकुंड बैराज से अतिरिक्त पानी केवल दिल्ली भेजा गया.’ सौरभ भारद्वाज का दावा है कि हथिनीकुंड बैराज से केवल दिल्ली के लिए पानी छोड़ा गया जबकि पश्चिमी नहर के लिए कोई पानी नहीं छोड़ा गया. इस पर राजनीति की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट समेत दिल्ली की सभी महत्वपूर्ण संस्थागत इमारतों को डुबाने की साजिश थी.’
एलजी पर आरोप
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन के नोडल अधिकारी जैसे एलजी के पसंदीदा अधिकारी उनके मंत्री आतिशी का फोन नहीं उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि राहत शिविरों की हालत खराब है, खाना नहीं है क्योंकि अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ऐसे अधिकारी जो राहत शिविरों का प्रबंधन नहीं कर पा रहे हैं उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए.
सौरभ भारद्वाज ने कहा, ‘कुछ BJP के अनपढ़ लोग कह रहे हैं रेगुलेटर का काम थोड़ी होता है पानी बांटना. अरे तो फिर Regulator होता क्यों है? यही तो काम है उसका। पानी रेगुलेट करना. हथिनी कुंड के Log Book में साफ़ है, कि जब दिल्ली की तरफ़ पानी छोड़ा गया, East West Canal खाली रखे गए.’
संजय सिंह का आरोप
आप सांसद संजय सिंह ने कहा, ‘हिमाचल, पंजाब, हरियाणा दिल्ली और यूपी पूरी तरह से बाढ़ से प्रभावित हैं. दिल्ली में तीन दिन से बारिश नहीं हुई, फिर बाढ़ का कारण क्या है, इसके पीछे की वजह क्या है. इसका कारण है भाजपा और केंद्र की दिल्ली के प्रति दुर्भावना, दिल्ली को बर्बाद करने की साज़िश, मोदी जी की दिल्ली के प्रति नफ़रत. यह आपदा की स्थिति है, देश के किसी भी हिस्से में आ सकती है. यह प्रायोजित बाढ़ है, प्रायोजित आपदा है. मोदी जी देश को अनाथ छोड़कर फ़्रांस के सैर पर निकल गए जब देश के पांच राज्य बाढ़ की तबाही झेल रहे हैं.’
केजरीवाल ने कही थी ये बात
इससे पहले शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल ने कहा था, ‘दिल्ली में तो इन दिनों बारिश हुई नहीं. अभी पूरा पानी हिमाचल प्रदेश और हरियाणा से आ रहा है. यह हमारा लोकल पानी तो है नहीं. इतना पानी हैंडल करने की दिल्ली की कैपेसिटी आज तक नहीं थी. 1978 के बाद पहली बार इतना पानी आया है. यह राजनीति का समय नहीं है, एक दूसरे पर दोष मढ़ने की बजाय सबको मिलकर काम करना चाहिए. मौसम विभाग की तरफ़ से जो सूचना आई है, दिल्ली में कल से फिर बारिश का अंदेशा है. बारिश अगर नहीं आती है, तो एक-दो दिन में सब नॉर्मल हो जाएगा, लेकिन बारिश और आएगी तो फिर देखना पड़ेगा.’
