नई दिल्ली
दिल्ली-एनसीआर से लेकर ओडिशा तक देश का एक-एक कोना भारी बारिश की चपेट में है। देश में मॉनसून अपने पीक पर है। ऐसे में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश समेत अन्य पहाड़ी राज्यों में बारिश ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई हुई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस साल जुलाई के महीने में रिकॉर्ड बारिश हुई है। IMD के अनुसार,भारत में जुलाई में 1,113 बार भारी बारिश, 205 बार अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। यह बारिश पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक है। अभी भी बारिश का सिलसिला नहीं थमा है। आईएमडी ने सोमवार को कहा कि अगले तीन दिनों के दौरान पूर्व और पूर्वी मध्य भारत में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है, जबकि बुधवार और गुरुवार के दौरान उत्तर पश्चिम में बारिश की गतिविधि में वृद्धि होने की उम्मीद है। अपने लेटेस्ट बुलेटिन में, आईएमडी ने कहा कि उत्तर पश्चिम मौसम पूर्वानुमान मंगलवार से शुक्रवार की अवधि के दौरान अलग-अलग स्थानों पर हल्की से लेकर भारी बारिश का संकेत देता है।
जुलाई में 13 फीसदी अधिक बारिश
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों और उत्तर-पश्चिम व मध्य भारत के पश्चिमी हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां भारत में जुलाई में 13 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई, वहीं देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में 1901 के बाद से इस महीने में तीसरी सबसे कम बारिश दर्ज हुई। महापात्रा ने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत में 2001 के बाद से जुलाई में सबसे अधिक (258.6 मिलीमीटर) वर्षा दर्ज की गई। आईएमडी प्रमुख ने कहा कि भारत में मानसूनी बारिश में उतार-चढ़ाव देखा गया है और जून में नौ फीसदी कम, जबकि जुलाई में 13 फीसदी अधिक बारिश हुई है। देश में अब तक मानसून सीजन में सामान्य बारिश (445.8 मिमी) की तुलना में 467 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो पांच प्रतिशत से अधिक है।
उत्तराखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश
उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में चारों दिन बारिश होने की उम्मीद है। हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसे बुधवार से शुक्रवार तक देखने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में गुरुवार और शुक्रवार को बारिश के दिन रहेंगे। पंजाब में गुरुवार को बारिश की उम्मीद हो सकती है।’ इसके अलावा, बुधवार और गुरुवार को उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और बुधवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।मध्य भारत की बात करें तो, मंगलवार से गुरुवार के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट से लेकर काफी भारी बारिश का अनुमान है। उन्होंने कहा, ‘पूर्वी मध्य प्रदेश में तीनों दिन बारिश होने की संभावना है, जबकि उत्तरी छत्तीसगढ़ में मंगलवार और बुधवार को बारिश होगी। उत्तर पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ में बुधवार और गुरुवार को बारिश होने की उम्मीद है। बुधवार को पूर्वी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की भी संभावना है।’ पूर्वी भारत में, पूर्वानुमान में सोमवार से शुक्रवार तक गरज के साथ बौछारें, बिजली गिरने और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
बंगाल, ओडिशा और झारखंड में भी भारी बारिश की संभावना
आईएमडी ने भविष्यवाणी की, ‘बिहार में पूरी अवधि के दौरान इन स्थितियों का अनुभव होने की संभावना है, जबकि ओडिशा में सोमवार से गुरुवार तक यह स्थिति रहेगी। गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में सोमवार से बुधवार तक बारिश के दिन रहेंगे। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बुधवार और गुरुवार को बारिश की उम्मीद हो सकती है।’ इसके अलावा, सोमवार से बुधवार तक ओडिशा में, मंगलवार और बुधवार को झारखंड में और मंगलवार को गंगीय पश्चिम बंगाल में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गुरुवार और शुक्रवार को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम भारत में अगले पांच दिनों के दौरान हल्की से मध्यम, खासतौर से कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में छिटपुट बारिश के साथ भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है।
अगस्त-सितंबर में सामान्य बारिश होने का अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को कहा कि जुलाई में मूसलाधार बारिश के बाद देश में मानसून सीजन के दूसरे हिस्से (अगस्त और सितंबर) के दौरान सामान्य बारिश होने का अनुमान है। विभाग ने कहा कि पूर्वी मध्य भारत, पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्र के कुछ हिस्सों तथा हिमालय के अधिकांश उपसंभागों में सामान्य और इससे थोड़ी अधिक बारिश होने का अनुमान है।
