नई दिल्ली
देश की 255 जानी-मानी हस्तियों ने न्यूज क्लिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर राष्ट्रपति और सीजेआई को लिखी चिट्ठी। इन हस्तियों ने कहा कि पब्लिक डोमेन में जो ईमेल एक्सचेंज की जानकारी आई है वह बिना किसी संदेह के साबित करती है कि इसमें शामिल लोग लीडर नहीं बल्कि डीलर्स हैं। वे कॉलमनिस्ट नहीं, फिफ्थ कॉलमनिस्ट हैं। चिट्ठी में लिखा गया है कि ऐंटी-नैशनल, ऐंटी-डेमोक्रैटिक और एंटी-फ्री प्रेस अजेंडा का ये मनगढ़ंत नैरेटिव खत्म किया जाना चाहिए।
दस्तखत करने वालों में हाई कोर्ट्स के तमाम रिटायर्ड जज, कई पूर्व आईपीएस और आईएएस अफसर, पूर्व राजनयिक, कई राज्यों के पूर्व डीजीपी और रिटायर्ड सैन्यकर्मियों समेत बुद्धिजीवी शामिल हैं। न्यूजक्लिक को चीनी फंडिंग संबंधी न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। न्यूयॉर्क टाइम्स की जांच में दावा किया गया है कि दुनिया भर में लोगों को प्रभावित करने वाले अभियानों के पीछे एक अमीर अमेरिकी व्यापारी-कार्यकर्ता चीन से धन प्राप्त कर रहा है। विभिन्न कारणों की आड़ में चीनी दुष्प्रचार को आगे बढ़ा रहा है। इनमें जिनके नाम हैं उनमें ‘न्यूजक्लिक’ भी शामिल है।
