18.8 C
London
Thursday, April 30, 2026
Homeराष्ट्रीयNuh हिंसा में डीजीपी से कमेटी बनाने को कह रहे थे जस्टिस,...

Nuh हिंसा में डीजीपी से कमेटी बनाने को कह रहे थे जस्टिस, सिब्बल बोले- FIR होगी पर एक्शन नहीं

Published on

नई दिल्ली

नूंह हिंसा के मामले में सुप्रीम कोर्ट हरियाणा के डीजीपी से कह रहा था कि आप एक कमेटी बना सकते हैं जो हिंसा की जांच करे। एक पत्रकार की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि कोई फायदा नहीं। FIR होगी पर एक्शन नहीं।

जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच ने केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज से निर्देश लेने और 18 अगस्त तक डीजीपी की समिति के बारे में सूचित करने को कहा। बेंच ने कहा कि समुदायों के बीच सद्भाव और सौहार्द होना चाहिए। सभी समुदाय जिम्मेदार हैं। नफरती भाषण को कोई भी स्वीकार नहीं कर सकता। बेंच ने कहा कि हम डीजीपी से उनके द्वारा नामित तीन या चार अधिकारियों की एक समिति गठित करने के लिए कह सकते हैं, जो एसएचओ से सभी जानकारियां प्राप्त करेगी और उनका अवलोकन करेगी। जानकारी प्रामाणिक है, तो संबंधित पुलिस अधिकारी को उचित निर्देश जारी करेगी। एसएचओ और पुलिस स्तर पर पुलिस को संवेदनशील बनाने की जरूरत है।

शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को वीडियो सहित सभी सामग्री एकत्र कर नोडल अधिकारियों को सौंपने का भी निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान, नटराज ने कहा कि भारत सरकार भी नफरत फैलाने वाले भाषणों के खिलाफ है। इसकी पूरी तरह से जांच की जानी चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया कि नफरत फैलाने वाले भाषणों से निपटने का तंत्र कुछ जगहों पर काम नहीं कर रहा है।

पत्रकार शाहीन अब्दुल्ला की याचिका में उच्चतम न्यायालय के दो अगस्त के उस आदेश का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया था कि राज्य सरकारें और पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी समुदाय के खिलाफ कोई नफरत भरा भाषण न दिया जाए और कोई हिंसा न हो या संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जाए। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि लोगों को नफरत भरे भाषणों से बचाने की जरूरत है। जब बेंच ने सिब्बल से एक डीजीपी की समिति गठित करने के विचार के बारे में पूछा उनका कहना था कि मेरी दिक्कत यह है कि जब कोई दुकानदारों को अगले दो दिन में मुसलमानों को बाहर निकालने की धमकी देता है तो यह समिति मदद नहीं करने वाली है।

सिब्बल ने कहा कि पुलिस कहती रहती है कि FIR दर्ज कर ली गई है, लेकिन अपराधियों को कभी गिरफ्तार नहीं किया जाता। अरेस्ट होते भी हैं तो उन पर मुकदमा नहीं चलाया जाता। सिब्बल ने कहा कि समस्या केस दर्ज करने की नहीं है। समस्या यह है कि क्या प्रगति हुई? वो किसी पर मुकदमा नहीं चलाते हैं। FIR दर्ज होने के बाद कुछ नहीं होता।

Latest articles

बंगाल में 8 एग्जिट पोल में से 6 में भाजपा सरकार, असम में BJP, तमिलनाडु में DMK की वापसी

केरल में 10 साल बाद UDF सरकार का अनुमान नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा...

छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं-12वीं के परिणाम घोषित, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों को दी बधाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के...

मन की बात में गूंजी सकारात्मक भारत की गूंज: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सांगानेर में आमजन के साथ सुना कार्यक्रम

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 133वां संस्करण...

सुशासन से समृद्ध बनेगा राजस्थान: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- गांव के विकास का आधार हैं ग्राम विकास अधिकारी

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान' और 'ग्राम-2026' की महत्ता पर...

More like this

बंगाल में 8 एग्जिट पोल में से 6 में भाजपा सरकार, असम में BJP, तमिलनाडु में DMK की वापसी

केरल में 10 साल बाद UDF सरकार का अनुमान नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा...

बंगाल चुनाव में ‘बंपर वोटिंग’, आज़ादी के बाद बना नया रिकॉर्ड, पहले चरण में 93% मतदान

तमिलनाडु के इतिहास में अब तक की सबसे ज़्यादा 85% वोटिंग कोलकाता। पश्चिम बंगाल और...

पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया, कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक...