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Saturday, March 21, 2026
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चीन से वार्ता को लेकर सुब्रमण्यम स्वामी ने साधा फिर से मोदी सरकार पर निशाना, जानिए क्या बोले

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नई दिल्ली

BRICS सम्मिट के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच संभावित बैठक को लेकर बीजेपी के पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने निशाना साधा है। उनका कहना है कि भारत की तरफ से कहा जा रहा है कि LAC पर वो चीन से 2020 से पहले वाली स्थिति बहाल करने को कहने वाला है। स्वामी का कहना था कि ऐसा लगता है कि पीएम और सरकार सभी को बेवकूफ समझते हैं। पहले कहते थे कि कोई आया नहीं… और अब कह रहे हैं कि चीन से 2020 की स्थिति बहाल करने को कहा जाएगा। उनका कहना था कि भारत पुरानी स्थिति बहाल करने को गिड़गिड़ा रहा है।

दोनों देशों की सेना के बीच 2020 में पूर्वी लद्दाख के गलवान में एक खूनी झड़प हुई थी। इसमें बीस भारतीय सैनिक मारे गए थे। अरुणाचल प्रदेश के तवांग में दोनों देशों के सैनिकों के बीच दिसंबर 2022 को भी झड़प हुई। भारतीय सेना का कहना है कि झड़प में दोनों देशों के कुछ सैनिक घायल हुए हैं। लेकिन घायल होने वाले चीनी सैनिकों की संख्या अधिक है। इसके बाद से चीन ने पूर्वी लद्दाख की पैंगोंग त्सो झील में अपनी गश्ती नौकाओं की तैनाती बढ़ाया। ये इलाका लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास है। इसके बाद भारत ने भी वहां फौज की तैनाती बढ़ा दी। चीन का आरोप था कि भारत गलवान घाटी के पास रक्षा संबंधी गैर-कानूनी निर्माण कर रहा है। जबकि भारत जो बात कहता है उसमें चीन पर इस तरह का आरोप है।

भारत चीन के साथ 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। ये सीमा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड,सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश से होकर गुजरती है। ये सीमा तीन सेक्टरों में बंटी हुई है। पश्चिमी सेक्टर में जम्मू-कश्मीर आता है। जबकि मध्य सेक्टर में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं। पूर्वी सेक्टर में सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश हैं।

मैकमोहन रेखा को भी नहीं मानता है चीन
दोनों देशों के बीच सीमांकन अभी तक नहीं हुआ है, क्योंकि कई इलाकों को लेकर दोनों के बीच मतभेद हैं। भारत पश्चिमी सेक्टर में अक्साई चिन पर अपना दावा करता है। लेकिन ये इलाका फिलहाल चीन के नियंत्रण में है। भारत के साथ 1962 के युद्ध के दौरान चीन ने इस पूरे इलाके पर कब्जा कर लिया था। पूर्वी सेक्टर में चीन अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा करता है। चीन कहता है कि ये दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है। हालांकि अमेरिका दोनों देशों के बीच की सीमा को मैकमोहन रेखा से आंकता है। अलबत्ता चीन मैकमोहन रेखा को भी नहीं मानता है।

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