भोपाल
भेल जैसी महारत्न कंपनी में यूं तो ईडी बदलने से लेकर अच्छे ओहदे पर कब किसको बिठाया जाए इसकी अटकलों का कभी विराम लगा ही नहीं है। जिसकी उड़ के लग जाए उसके बल्ले-बल्ले ऐसा ही एक मामला बीएचईएल की रानीपेट यूनिट में रहे सदाबहार डीजीएम साहब की किस्मत के चर्र्चे भी थमने के नाम नहीं ले रहे है। जब तक रानीपेट में रहे तो बड़ी दमदारी से दमदार मुखिया के साथ काम किया। फिर वह रानीपेट से भोपाल यूनिट तबादला होकर आए तब भी उनके चर्चे थमने का नाम नहीं ले रहे है। भले ही उन्हें इस यूनिट में लूप लाइन में डाला हो लेेकिन उन्हें भगवान व अपने बड़े साहब पर भरोसा था कि बहुत कम समय में ही वह फिर लूप लाइन से निकलकर ऊंचे ओहदे पर बैठेंगे। चर्चा है कि हुआ वहीं। रानीपेट के साहब का तबादला भोपाल यूनिट में जैसे ही चर्चा में आया तो भोपाल यूनिट के कुछ अधिकारी समझ गए कि अब फिर डीजीएम साहब का जलवा होगा। अब उनसे संपर्क बनाने की कोशिश में लग गए है। कारखाने में तो यह चर्चा भी आम हो गई है कि कहीं डीजीएम साहब ईडी एसए न बन जाए। खैर वक्त बड़ा बलवान है मई 2025 तक डीजीएम साहब के जयकारे तो बोलेंगेे ही।
