भोपाल
बीएचईएल के अफसरों के पर्क कटौती का मामला अब भोपाल यूनिट में तूल पकड़ता जा रहा है। यूनियनों के विरोध प्रदर्शन के बाद अब स्थानीय विधायक श्रीमती कृष्णा गौर ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। शनिवार को विधायक श्रीमती कृष्णा गौर ने पर्क कटौती को अनुचित बताते हुए बीएचईएल के सीएमडी से दूरभाष पर चर्चा कर इस आदेश को वापिस लेने की मांग की।
इस संबंध में श्रीमती कृष्णा गौर ने बीएचईएल के सीएमडी को पत्र लिखकर कार्पोरेट आफि स द्वारा 30 अगस्त 2023 कोजारी आदेश को तत्काल वापिस लेने की अपील की। श्रीमती गौर ने अपने पत्र मे लिखा हैं। कि कार्पोरेट के पत्र दिनांक 30 अगसत 2023 में कही भी वर्णित नही है कि कार्यकारी अधिकारियों, सुपरवाईजर के ही भत्तों को पुनरीक्षित किया जाने से उपक्रम को लाभ होगा। कोई भी आदेश जब जारी या लागू होता है तो उसके समग्र प्रभाव का आंकलन किया जाना चाहिए ।
विगत वर्षों में कोरोना महामारी से पूरा देश प्रभावित रहा है इसका असर बीएचईएल कारखाने पर भी पड़ा है। भेल में कार्य करने वाले बहुत सारे कर्मचारियों को अपने जीवन से हाथ धोना पड़ा है। इसी महामारी के कारण प्रबन्धन ने कर्मचारियों के भत्तों मे कटौती की थी। उस समय की परिस्थितयों को देखते हुए भेल के हर वर्ग के कर्मचारी ने अपना पूर्ण सहयोग दिया था और आज भी दे रहा है। आज भेल के कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी ने अपनी पूर्ण क्षमता के साथ उत्पादन मे सहयोग दिया था और आज भी सहयोग दे रहा है।
