नई दिल्ली,
भारत की मेजबानी में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप 2023 का बिगुल जल्द बजने वाला है. टूर्नामेंट का आगाज 5 अक्टूबर को होगा. जबकि फाइनल मुकाबला 19 नवंबर को होगा. मगर इस दौरान फैन्स को सबसे ज्यादा इंतजार भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले घमासान मुकाबले का है.
यह महामुकाबला 14 अक्टूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है. वर्ल्ड कप के लिए पाकिस्तान टीम भारत दौरे पर पहुंच गई है. हैदराबाद में टीम का जोरदार स्वागत हुआ, जिसे देख पाकिस्तानी फैन्स भी गदगद हुए हैं. पाकिस्तानी प्लेयर भी भारत की मेहमान नवाजी की जमकर तारीफ कर रहे हैं.
पाकिस्तानी टीम का हुआ जोरदार स्वागत
सोशल मीडिया पर भी पाकिस्तानी टीम के स्वागत के वीडियो वायरल हुए. हालांकि, बाबर आजम की कप्तानी वाली पाकिस्तानी टीम ने अपना पहला प्रैक्टिस मैच भी न्यूजीलैंड के खिलाफ हैदराबाद में खेल लिया है. टीम को वर्ल्ड कप में अपना पहला मैच 6 अक्टूबर को नीदरलैंड्स के खिलाफ खेलना है.
मगर मैदान पर भारत और पाकिस्तान की टीमें आपस में टकराएं उससे पहले ही मैदान के बाहर दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड के बीच में टकराव देखने को मिला है. देखने वाली बात यह है कि लगभग सारे टकराव पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की ओर से ही आए हैं.
वर्ल्ड कप से पहले ही शुरू हुई अलग तकरार
इनकी फैन्स ने जमकर आलोचना भी की है. इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को हर बार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से माफी भी मांगनी पड़ी है. इन विवादों में दो सबसे खास और बड़े विवाद रहे हैं.पहला वीजा विवाद और दूसरा पीसीबी चीफ जका अशरफ का ‘दुश्मन मुल्क’ वाला विवादास्पद बयान रहा है. खास बात यह भी है कि इन दोनों ही मामलों में पाकिस्तानी बोर्ड को ही माफी मांगनी पड़ी है. आइए जानते हैं क्या हैं यह दोनों मामले…
वर्ल्ड कप से पहले वीजा विवाद
वर्ल्ड कप 2023 में मेजबान भारत समेत कुल 10 टीमें उतरने वाली हैं. इसको लेकर 24 सितंबर तक पाकिस्तान को छोड़कर सभी टीमों को वीजा दे दिया गया था. ऐसे में पाकिस्तानी मीडिया में पीसीबी के हवाले से यह बातें चलने लगी थीं कि भारत उन्हें वीजा देने में देरी कर रहा है. ऐसे में पाकिस्तान टीम की तैयारी में दिक्कतें आ सकती हैं.
25 सितंबर की दोपहर तक भी यही खबरें चल रही थीं. तब तक यही माना जा रहा था कि भारत ही वीजा देने में देरी कर रहा है. मगर इसी शाम को पूरा मामला उलट गया. पाकिस्तान टीम को वीजा मिल गया. इसके बाद अगले दिन पीसीबी की ओर से बयान आया और उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि इस पूरे मामले में भारत की कोई गलती नहीं है.
पीसीबी ने माफी मांगते हुए कहा कि दरअसल, उन्होंने ही वीजा अप्लाई करने में देरी की थी. उन्होंने 19 सितंबर को अप्लाई किया था. ऐसे में पीसीबी ने इतने कम समय में वीजा देने के लिए भारत को धन्यवाद भी दिया. ऐसे में एक बार फिर भारत हीरो बन गया और अपने इस मामले में पीसीबी को माफी मांगनी पड़ गई.
